लुधियाना| डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने बुधवार को जिला प्रशासनिक परिसर से पराली जलाने के विरुद्ध जागरूकता फैलाने वाली वैनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. गुरदीप सिंह और कृषि विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद थे। डीसी ने कहा कि ये अत्याधुनिक वैनें किसानों को पराली प्रबंधन की जरूरत और फायदों के बारे में जागरूक करने में सहायक होंगी। धान की पराली मिट्टी की उर्वरक क्षमता बढ़ाने में मदद करती है, अगर इसे अत्याधुनिक मशीनों की मदद से खेत में मिलाया जाए। पराली जलाना पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा है और इससे हर हाल में बचना चाहिए। डीसी ने बताया कि सरकार पराली प्रबंधन के लिए किसानों को उन्नत मशीनरी उपलब्ध करा रही है। पिछले साल तक जिले में 9,052 मशीनें दी जा चुकी हैं। इस साल लुधियाना के किसानों को सब्सिडी पर 500 और मशीनें दी गई हैं। इनमें बेलर, रेक, सुपर सीडर, स्मार्ट सीडर, ज़ीरो ड्रिल, आरएमबी हल, मल्चर, स्ट्रॉ चॉपर, सुपर एसएमएस, फसल रीपर, रोटरी स्लेशर और ट्रैक्टर शामिल हैं। ये उपकरण कस्टम हायरिंग सेंटर्स, सहकारी सभाओं और किसान समूहों के माध्यम से उपलब्ध हैं। डीसी ने कृषि विभाग, पीपीसीबी, सहकारी सभाओं, पंचायतों और शिक्षा विभाग को गांवों में सेमिनार, जनघोषणा और बैठकों के जरिए जागरूकता गतिविधियों को तेज करने के निर्देश दिए।


