क्रिस वोक्स ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लिया:भारत के खिलाफ चोटिल हाथ से बैटिंग करने उतरे थे, इंग्लैंड को 2 वर्ल्ड कप जिताए

इंग्लैंड के पेस बॉलिंग ऑलराउंडर क्रिस वोक्स ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इसकी जानकारी दी। वोक्स 2019 वनडे वर्ल्ड कप और 2022 टी-20 वर्ल्ड कप जीतने वाली इंग्लिश टीम का हिस्सा रहे। 2 महीने पहले भारत के खिलाफ टेस्ट मैच में वे इंजर्ड हाथ के साथ बैटिंग करने भी उतरे थे। करियर में कोई पछतावा नहीं
वोक्स ने सोशल मीडिया पर तीनों फॉर्मेट की जर्सी में अपनी फोटो शेयर की। उस पर लिखा, इंग्लैंड के लिए खेलकर खुशी हुई, करियर में कोई पछतावा नहीं रहा। समय आ गया है। मैंने फैसला कर लिया है कि इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायर होने का यही सही समय है। इंग्लैंड के लिए खेलना बचपन का सपना था
वोक्स ने आगे लिखा, ‘इंग्लैंड के लिए खेलने का सपना मैंने बचपन से ही देखा। मैं बहुत खुशनसीब रहा कि इस सपने को पूरा कर सका। इंग्लैंड के लिए 15 साल खेलते हुए मैंने कई अच्छे दोस्त बनाए, यही चीजें मेरे लिए खास रहीं। 2011 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ डेब्यू करने की याद बहुत पुरानी नहीं है, लेकिन जब आप खेल को एंजॉय करते हो तो समय बहुत तेजी से बीत जाता है। 2 वर्ल्ड कप जीतना और कुछ ऐशेज सीरीज का हिस्सा बनना मेरे लिए गर्व की बात रही। साथी प्लेयर्स के साथ सेलिब्रेशन और यादें मेरे साथ हमेशा रहेंगी।’ मम्मी-पापा, पत्नी और बेटियों का धन्यवाद
वोक्स ने आगे लिखा, ‘मम्मी, पाप, मेरी पत्नी एमी, हमारी बेटियां लायला और इवी को भी धन्यवाद। उन्होंने मुझे हमेशा सपोर्ट किया, उनके साथ के बिना इतना लंबा समय नहीं बीत सकता था। फैंस और बार्मी आर्मी को भी धन्यवाद। इंग्लैंड और वारविकशायर में मेरे कोच और साथी खिलाड़ियों का भी सपोर्ट रहा। आप सभी की वजह से मैं देश के लिए खेल पाया। आपकी गाइडेंस और दोस्ती मेरे लिए बहुत मायने रखती है। मैं काउंटी क्रिकेट खेलना जारी रखूंगा, साथ ही अपना फोकस फ्रेंचाइजी क्रिकेट पर भी रखूंगा। धन्यवाद।’ इंग्लैंड से 2 वर्ल्ड कप जीते
क्रिस वोक्स ने इंग्लैंड से 2019 में वनडे वर्ल्ड कप जीतने के बाद 2022 में टी-20 वर्ल्ड कप भी जीता। वोक्स ने 2011 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी-20 से इंटरनेशनल डेब्यू किया। फिर 4 अगस्त 2025 को भारत के खिलाफ टेस्ट मैच के रूप में आखिरी इंटनरेशनल मुकाबला खेला। भारत के खिलाफ द ओवल में आखिरी टेस्ट के दौरान ही उन्हें दूसरी पारी में इंजर्ड हाथ के साथ बैटिंग करने उतरना पड़ा। वे नॉटआउट रहे, लेकिन उनके सामने गस एटकिंसन 17 रन बनाकर आउट हो गए। जिस कारण इंग्लैंड ने 6 रन से करीबी मुकाबला गंवा दिया। वोक्स ने तीनों फॉर्मेट में 3705 रन बनाने के साथ 396 विकेट भी लिए। ——————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… भारत को यह जीत हर हाल में चाहिए थी:ऑपरेशन सिंदूर के बाद हारने का ऑप्शन ही नहीं था, तिलक और कुलदीप रहे हीरो तुम पूछते हो हमारा मकसद क्या है। उसका जवाब सिर्फ एक शब्द है—जीत। हर कीमत पर जीत। दहशत के बीच भी जीत। चाहे रास्ता कितना भी कठिन क्यों न हो, हमें चाहिए जीत।’ यही शब्द थे विंस्टन चर्चिल के, जब उन्होंने दूसरे विश्व युद्ध के दौर में बतौर ब्रिटिश प्रधानमंत्री पहली बार संसद को संबोधित किया था। पूरी खबर

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *