फाजिल्का जिले के अबोहर के गांव कलर खेड़ा के पास नहर में मिले एक दिव्यांग युवक के शव की पहचान हो गई है। मृतक की पहचान ईदगाह बस्ती के बलजीत पुत्र बलकार के रूप में हुई है। पहचान को लेकर पुलिस द्वारा शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सामान्य अस्पताल के शवगृह में रखवाया गया था। समिति सदस्यों को मिली सूचना परिजनों के अनुसार, बलजीत ने 7 साल पहले ट्रेन हादसे में पैर कटने के बाद मानसिक परेशानी के चलते नहर में कूदकर आत्महत्या कर ली। हनुमानगढ़ रोड से गुजरती मलूकपुर माइनर के पास मिले मृतक के सामान से पहचान हुई। नर सेवा नारायण सेवा समिति के सदस्य बिट्टू नरूला को सुबह सूचना मिली कि नहर पर किसी दिव्यांग का सामान पड़ा है। मौके पर उन्हें एक एक्टिवा, पैरों पर लगाने वाले कैप और एक बैग मिला, जिसमें बैंक कॉपी आदि दस्तावेज थे। इन्हीं दस्तावेजों से मृतक की पहचान बलजीत के रूप में हुई, जो अविवाहित था। टांग कटने से रहता था परेशान समिति ने सिटी टू पुलिस को सूचना दी और सामान पुलिस के हवाले कर दिया। मृतक के परिजनों को सूचित किया गया, जो अस्पताल पहुंचे और शव की पहचान की। परिजनों ने पुलिस को बताया कि बलजीत की करीब 7 साल पहले रेलगाड़ी की चपेट में आने से एक टांग पूरी तरह कट गई थी। घटना के बाद से वह मानसिक रूप से परेशान रहता था। परसों वह अचानक घर वालों को बिना बताए चला गया था। शवगृह में रखवाया था शव सिटी वन और सिटी टू की पुलिस परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। गौरतलब है कि कल दोपहर बाद नहर में एक अज्ञात शव मिला था। उस समय उसकी आयु करीब 35 साल बताई गई थी और वह दोनों पैरों से दिव्यांग था। उसके एक कान में बाली और एक बाजू पर बड़ा टैटू भी बना था। पहचान न होने पर पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम और पहचान के लिए शवगृह में रखवाया था।


