राज्य शासन ने रविवार को IAS अधिकारियों का प्रमोशन कर दिया है। 2009 से लेकर 2021 बैच तक के IAS अधिकारियों का प्रमोशन हुआ। गुना कलेक्टर भी प्रमोट होकर सचिव बन गए हैं। उनके लिए गुना कलेक्टर की पोस्ट का भी उन्नयन किया गया है। यह पहली बार है जब गुना कलेक्टर के पद पर पूर्व से पदस्थ कलेक्टर के प्रमोशन के कारण उन्नयन(बड़ी तक तक ले जाना) किया गया है। बता दें कि जिला कलेक्टर का पद ‘उप सचिव’ स्तर का होता है। यानि उप सचिव और अपर सचिव रैंक के IAS को कलेक्टर बनाया जाता है। उप सचिव, अपर सचिव की रैंक से ऊपर के अधिकारी फिर कमिश्नर, किसी विभाग के सचिव बनते हैं। इसी हिसाब से पदानुक्रम चलता है। राज्य शासन द्वारा रविवार को जारी की गई प्रमोशन सूची में 2009 से लेकर वर्ष 2021 कैडर के IAS अधिकारियों का प्रमोशन किया गया है। इसमें गुना कलेक्टर डॉ सतेन्द्र सिंह का भी प्रमोशन हुआ है। प्रमोशन के बाद अब वह सचिव रैंक के अधिकारी बन गए हैं। वह 2009 बैच के IAS हैं। अपने बैच के वह इकलौते IAS हैं, जिनका प्रमोशन सचिव के पद पर हुआ है। उनके प्रमोशन ऑर्डर में उनके नाम के आगे एक वाक्य लिखा गया। वह है – कलेक्टर, गुना। पद का उन्नयन दिनांक 1.1.2025 से आगामी आदेश तक भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिसमय वेतनमान में पदोन्नत करते हुए। सचिव, मध्यप्रदेश शासन। पद अधिसंख्य वेतनमान में असंवर्गीय होने के कारण। सभी आदेशों में केवल उनके नाम के आगे ही यह बात लिखी गई है। दैनिक भास्कर ने इस बात को लिखने का कारण समझने का प्रयास किया। गुना कलेक्टर पद को भी प्रमोट किया कुछ IAS अधिकारियों से बातचीत कर इस मसले को समझने का प्रयास किया। इसमें यह सामने आया कि प्रमोशन ऑर्डर में ये अतिरिक्त बात लिखने के मायने यह हैं कि गुना कलेक्टर के पद को भी प्रमोट किया गया है। गुना जिले के इतिहास में यह पहले बार हुआ है। सचिव स्तर के अधिकारी को कलेक्टर बनाए रखने के लिए उस पोस्ट को भी प्रमोशन दिया गया है। उदाहरण के तौर पर इसे ऐसे भी समझा जा सकता है कि जैसे गुना के कोतवाली थाने का प्रभारी TI होता है। अब मान लीजिए कि कोई TI कोतवाली थाने का प्रभारी है। उसका प्रमोशन हो जाता है और वह DSP बन जाता है। उसके बाद भी उन्हें कोतवाली थाना प्रभारी बनाए रखना है। तो शासन ने यह आदेश कर दिया कि कोतवाली थाने के प्रभारी पद को DSP रैंक का किया जाता है।


