बालाघाट में दशहरा उत्सव से पहले हुई बारिश ने रावण दहन की तैयारियों में बाधा डाली है। उत्कृष्ट स्कूल के मैदान में 60 फीट के रावण और 55-55 फीट के मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतले खड़े कर दिए गए थे, लेकिन बारिश के कारण पूरा मैदान कीचड़ में बदल गया है। इससे वीआईपी और आम लोगों के लिए बनाई गई व्यवस्थाएं प्रभावित हुई हैं। मैदान में जगह-जगह हुए कीचड़ को देखते हुए, प्रशासन व्यवस्थित करने में जुटा है। कीचड़ वाले स्थानों पर गिट्टी की बजरी डालकर लोगों के खड़े होने लायक बनाया जा रहा है, ताकि रावण दहन का कार्यक्रम सुचारु रूप से संपन्न हो सके। जिला मुख्यालय में पिछले 60 वर्षों से अधिक समय से विजयादशमी पर रावण दहन की परंपरा चली आ रही है। इस आयोजन को देखने के लिए नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से हजारों की संख्या में लोग पहुंचते हैं। इस वर्ष भी रावण, मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतलों को जलते हुए देखने के लिए विशेष प्रशासनिक व्यवस्थाएं की गई थीं, लेकिन बारिश ने इन तैयारियों पर पानी फेर दिया। शाम 5 बजे निकाली जाएगी श्रीराम शोभायात्रा प्रशासन रावण दहन के समय तक मैदान को व्यवस्थित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। शाम लगभग 5 बजे नए श्रीराम मंदिर से श्रीराम शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें हनुमान स्वरूप धारण करने वाले साधक भगवान राम की अगुआई करेंगे। दशहरा चल समारोह और दहन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन और पुलिस ने ड्रोन कैमरे तथा सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात किया गया है।


