निवाड़ी जिले की ऐतिहासिक नगरी ओरछा में दशहरे के पर्व पर पारंपरिक शस्त्र पूजा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ओरछा थाना प्रभारी रामबाबू शर्मा ने पुलिस बल के साथ मिलकर शस्त्र पूजन किया और सभी क्षेत्रवासियों को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। यह आयोजन ओरछा थाना परिसर में हुआ, जहाँ थाना प्रभारी शर्मा ने स्वयं शस्त्र पूजन की रस्म निभाई। उन्होंने इस दौरान पुलिस बल और आमजन को दशहरे की बधाई दी, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। शस्त्र पूजन के लिए सभी पुलिसकर्मी थाने आ गए थे। पूजन के बाद सभी लोग अपनी-अपनी ड्यूटी पर चले गए। थाना प्रभारी ने बताया कि शस्त्र पूजा केवल हथियारों की आराधना नहीं है, बल्कि यह साहस, विजय और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने का प्रतीक है। यह पर्व भगवान राम की रावण पर विजय और मां दुर्गा द्वारा महिषासुर वध की स्मृति में प्रतिवर्ष आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर मनाया जाता है। प्राचीन काल में तलवार, धनुष और भाले जैसे शस्त्रों की पूजा इसलिए की जाती थी क्योंकि इनसे दुश्मनों पर विजय प्राप्त होती थी। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आज भी शस्त्र पूजा की जाती है। वर्तमान में, केवल हथियार ही नहीं बल्कि वाहन, मशीनें, उपकरण और रोजमर्रा की वस्तुएं जैसे चाकू, कैंची आदि भी आयुध पूजा के दायरे में आती हैं। ओरछा थाना परिसर में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि इसने पुलिस बल के लिए साहस, विजय और जनता की सेवा के संकल्प को भी मजबूत किया।


