सिवनी जिले के पेंच टाइगर रिजर्व में नया पर्यटन सत्र 1 अक्टूबर, बुधवार से शुरू हो गया है। प्रबंधन ने बालिकाओं और पर्यटकों के वाहनों को हरी झंडी दिखाकर इसका शुभारंभ किया। वर्षाकाल (प्रजनन अवधि) के तीन माह बाद खुले पेंच कोर में बड़ी संख्या में पर्यटक लुभावनी सैर-सपाटा करने पहुंचे। पेंच पार्क के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश सिंह ने बताया कि पहले दिन 177 भारतीय और 3 विदेशी पर्यटकों सहित कुल 180 लोगों ने सफारी का आनंद लिया। इसके अतिरिक्त, लगभग 125 बालिकाओं को भी जंगल की सैर कराई गई। सफारी के दौरान कुछ पर्यटकों को ‘स्वास्तिक’ बाघ के अलावा अन्य बाघ भी दिखाई दिए। पर्यटकों और बालिकाओं ने बाघ सहित अन्य वन्यप्राणियों और प्रकृति की सुंदरता को करीब से देखा और अनुभव किया। बुधवार को दोपहर में सफारी बंद रही। पार्क के सभी गेट से 5 अक्टूबर तक सिंगल सीट और फुल व्हीकल की लगभग सभी टिकटें बिक चुकी हैं। बिना टिकट पहुंचे पर्यटकों को कोर जंगल की सैर करने के लिए 6 अक्टूबर तक इंतजार करना होगा। हालांकि, किसी कारणवश टिकट रद्द होने पर अचानक पहुंचे पर्यटकों को सफारी का मौका मिल सकता है। पेंच का कोर क्षेत्रफल 411 वर्ग किलोमीटर में फैला है। 1 अक्टूबर से प्रारंभ हुए नए पर्यटन सीजन को लेकर पेंच टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने तैयारियां पहले ही पूरी कर ली थीं। वर्षा से प्रभावित कुछ रास्तों को छोड़कर बाकी सभी क्षेत्रों में पर्यटकों को सैर कराई गई। सफारी के शुभारंभ पर पर्यटकों के साथ स्थानीय और फील्ड कर्मियों की बालिकाओं को भी कोर और बफर क्षेत्र में सफारी कराई गई। प्रबंधन की थीम ‘बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ और बेटियों को जंगल की सैर कराओ’ है। पार्क अधिकारियों ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य बेटियों को वन और वन्यजीवों के बारे में जानकारी देना है, साथ ही उन्हें यह भी अवगत कराना है कि उनके पिता या परिवार के सदस्य जंगल में किन चुनौतियों का सामना करते हुए कार्य करते हैं। पार्क के कोर एरिया को मानसून के कारण 30 जून को बंद कर दिया गया था, जिसे अब खोला गया है। पिछले तीन महीनों से बफर जंगल में पर्यटकों की सफारी जारी थी।


