गायत्री शक्तिपीठ में शारदीय नवरात्रि के नौ दिवसीय विशेष गायत्री साधना की सामूहिक पूर्णाहुति गुरुवार को भक्तिभाव और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुई। इस अवसर पर पंच कुंडीय यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने विश्व कल्याण की कामना की। शहर और आसपास के साधकों ने पांच कुंडीय यज्ञशाला में गायत्री महायज्ञ में विशेष आहुतियां अर्पित कीं। उन्होंने पावन गुरुसत्ता से आत्मशुद्धि, राष्ट्र कल्याण और विश्व शांति के लिए प्रार्थना की। पूर्णाहुति वरिष्ठ कार्यकर्ता रमेश मिस्त्री द्वारा संपन्न करवाई गई। गायत्री शक्तिपीठ की मुख्य प्रबंध ट्रस्टी रंजना देवी ने बताया कि पिछले दस दिनों से गायत्री शक्तिपीठ में प्रतिदिन सुबह यज्ञ और जप किया जा रहा था। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन साधकों ने नवरात्रि में नौ दिनों तक अनुष्ठान किए थे, उनकी पूर्णाहुति के लिए इस पंच कुंडीय यज्ञ का आयोजन किया गया। यज्ञ में पूर्णाहुति के बाद, श्रद्धालुओं ने देवी स्वरूप कन्याओं का पूजन किया। उन्हें भोजन करवाया गया और उपहार स्वरूप खाद्य सामग्री व फलाहार अर्पित किया गया। वरिष्ठ कार्यकर्ता रमेश मिस्त्री ने इस अवसर पर कहा कि नवरात्र साधना आत्म-परिष्कार का एक महत्वपूर्ण अवसर है। गायत्री साधना तन और मन को पवित्र करती है, जिससे साधक अपने अंतःकरण को परिष्कृत करता है। उन्होंने उपस्थित साधकों को गुरुदेव आचार्य श्रीराम शर्मा जी द्वारा बताए गए सत्संकल्पों की प्रतिज्ञा भी करवाई। इस अवसर पर गायत्री परिवार ट्रस्ट की उप मुख्य ट्रस्टी लीला मिस्त्री, ट्रस्टी इंदिरा खत्री, संतोष प्रजापत, शुचिता गोमतीवाल, शालिनी वर्मा, जिला संयोजक कन्हैया लाल पुरोहित, परिवाजक राधेश्याम, वरिष्ठ कार्यकर्ता गणेश प्रजापत, रमेश गोमतीवाल, वीरेंद्र सिंह डाबी, संजय कुमार वर्मा, चंद्रभान मोटवानी, अरुणा डाबी, गीता खंडेलवाल, तारा मिस्त्री, कंकु बाई, नर्मदा देवी, गीता बहन, सुधा दवे, चम्पालाल खत्री और जसवंत सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे।


