कैबिनेट मंत्री खराड़ी बोले-पुलिस कभी​ निर्दोष को थाने नहीं लाती:डूंगरपुर में युवक की मौत मामले में सांसद रोत पर भड़काने का आरोप लगाया

डूंगरपुर में पुलिस हिरासत में हुई युवक की मौत पर कैबिनेट मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने पुलिस की वकालत की है। उन्होंने कहा कि लोगों में पुलिस का भय होना चाहिए। पुलिस कभी निर्दोष व्यक्ति को थाने नहीं लाती। पुलिस किसी को तभी थाने लाती है, जब उसकी शिकायत हो। डूंगरपुर मामले का जिक्र हुए मंत्री ने कहा कि अभी हम कैसे कह सकते है? उस युवक की मौत पुलिस के कारण हुई। इस मामले में अभी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। वहीं, भारतीय आदिवासी पार्टी के सांसद राजकुमार रोत पर भी जमकर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के खून में भड़काने का काम है। लेकिन समाज जानता है। आज सारे लोग समझ गए है। जिन लोगों का राजनीतिक स्वार्थ था, वे लोग ही इस आंदोलन में धरने पर बैठे थे। परिवार को भी वो लोग ही लेकर गए थे। जनजाति मंत्री बाबूलाल खराड़ी गुरुवार को उदयपुर में बीजेपी कार्यालय में पत्रकारों से मुखातिब हो रहे थे। डूंगरपुर मामले में कुछ लोग लोगों को भड़का रहे- खराड़ी इस दौरान उन्होंने कहा कि पुलिस को भय दिखाने के लिए कुछ करना चाहिए था, लेकिन इतना नहीं होना चाहिए। पीड़ित परिवार के लोगों की जैसी इच्छा थी, वो भी हो गया। अब मामला खत्म हो गया है। इस मामले पर कुछ लोगों ने भड़काने का काम किया। उनकी आदत है। घटनाओं के बाद उसकी प्रवृति देखी जानी चाहिए। हर बार आदिवासी बताकर भड़काया गया हैं। जब कोई एक अपराधी है और उसको हम मदद करेंगे तो समाज भय मुक्त नहीं हो पाएगा।

रोत ने कहा था मुसलमान भी हमारे भाई है- खराड़ी सांसद राजकुमार रोत के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि वे कहते है आदिवासी गलती करे तो भी हां करे। यदि वाकई बाप आदिवासियों की पार्टी है, तो सिर्फ आदिवासियों की राजनीति करे। क्यों उन्होंने स्टैंड बदला कि मुसलमान भी हमारे भाई है। आदिवासी भाइयों का नहीं होने दूंगा धर्मांतरण- मंत्री खराड़ी खराड़ी ने कहा कि रोत ने क्यों कहा कि हमारी बहन-बेटियों की शादी मुसलमानों से करानी चाहिए, ये हम कैसे स्वीकार करेंगे ? आदिवासी इलाकों में धर्मांतरण हो रहा है। मैं कैसे अपने आदिवासी भाइयों का धर्मांतरण होने दूं? मैं अपने पूर्वजों की विरासत और संस्कृति को मानता हूं। मैं हिंदू आदिवासी हूं। मंत्री खराड़ी ने जीएसटी पर केन्द्र सरकार की कई सफलताओं को गिनाया और इस परिवर्तन को आम लोगों के लिए बड़ी राहत बताया। कहा कि गांधी जयंती के दिन पीएम मोदी के आह्वान पर वोकल फॉर लोकल के मार्फत खादी के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने का काम करेंगे।
————— ये खबर भी पढ़िए पुलिस हिरासत में युवक की मौत, कलेक्ट्रेट पर डटे परिजन:आर्थिक सहायता पर सहमति नहीं, दोवड़ा थाने के 5 पुलिसकर्मी सस्पेंड डूंगरपुर के दोवड़ा थाने में युवक से पूछताछ के दौरान तबीयत बिगड़ने और फिर इलाज के दौरान मौत के मामले में पुलिसकर्मियों पर गाज गिरी है। एसपी मनीष कुमार ने दोवड़ा थाना सीआई तेजकरण चारण, एएसआई वल्लभ राम पाटीदार, हैड कॉन्स्टेबल सुरेश कुमार, कॉन्स्टेबल पुष्पेंद्र सिंह और माधव सिंह को निलंबित कर दिया है। फिलहाल मुआवजे को लेकर बातचीत चल र​ही ​है। चोरी के आरोपी की मौत से आक्रोशित परिजन डूंगरपुर कलेक्ट्रेट के सामने डटे हुए हैं। परिजनों की मांगों को बुधवार को तीसरे दौर की वार्ता शुरू हुई। आदिवासी समाज और बीएपी के आसपुर विधायक उमेश मीणा, अनुतोष रोत, कांति भाई आदिवासी समेत 10 सदस्यों का प्रतिनिधि मंडल कलेक्ट्री में पहुंचा।(पूरी खबर पढ़े) पुलिस कस्टडी में बिगड़ी तबीयत, युवक की हॉस्पिटल में मौत:चोरी के आरोप में पकड़ा था, परिजन-ग्रामीण धरने पर बैठे, मुआवजा और नौकरी की मांग डूंगरपुर में चोरी के आरोपी युवक की पुलिस की हिरासत में तबीयत बिगड़ गई थी। 4 दिन बाद मंगलवार को अस्पताल में मौत हो गई। सूचना मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट के सामने जाम लगा दिया। परिजनों ने दोवड़ा पुलिस पर युवक के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रदर्शन कर रहे लोगों की मांग है कि आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, मृतक के परिजनों को एक करोड़ रुपए मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।(पूरी खबर पढ़े)

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