डीसी राहुल चाबा के दिशा-निर्देशन और एडीसी (विकास) सुखचैन सिंह पापड़ा की अगुवाई में लगती पहल मंडी ने अपने तीन वर्ष पूरे कर लिए हैं। यह मंडी खासतौर पर स्थानीय किसानों, महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पादों को बेचने और प्रदर्शित करने के लिए एक सशक्त मंच प्रदान कर रही है। पहल मंडी ने न सिर्फ जैविक खेती को बढ़ावा दिया है, बल्कि ग्रामीण इलाकों में आर्थिक विकास को भी रफ्तार दी है। मंडी के माध्यम से महिलाएं और युवा आत्मनिर्भर बन रहे हैं। मुख्य प्रबंधक डॉ. एएस मान ने कहा कि हमें पहल मंडी की अब तक की प्रगति पर गर्व है। हमारा उद्देश्य स्थानीय उद्यमियों को सशक्त बनाना और उन्हें नेतृत्व के लिए तैयार करना है। उन्होंने कहा कि ग्राहकों का विश्वास बनाए रखना मंडी की सबसे बड़ी प्राथमिकता है और इसके लिए किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। अब जब पहल मंडी अपने चौथे वर्ष में प्रवेश कर रही है, तो इसकी पहुंच और प्रभाव को और बढ़ाने की योजना है। इस अवसर पर राजिंदर कुमार, जगदेव सिंह सतौज, जॉली पातडां, जसवीर कौर सोही, जसप्रीत कौर, कर्मजीत कौर, दर्शन सिंह, गुरदीप दियोल, संदीप कौर, हरप्रीत कौर मान, सुखचैन, कर्मजीत सिंह बब्बनपुर, अमन सहित कई सदस्य मौजूद रहे।


