भास्कर न्यूज | फाजिल्का जमीनों के मालिकाना हक लेने, फसलों, घरों, पशुओं और लोगों के नुकसान की भरपाई के लिए उचित मुआवजा नीति बनाने बनाने को लेकर डीसी कार्यालय का घेराव आज होगा। उन्होंने बताया िक पानी की बांट रिपेरियन सिद्धांत के अनुसार करने, डैमों पर नियंत्रण, विकसित नहरी ढांचे और बारिश के पानी की संचय-संरक्षण के लिए नीति बनाने सहित अन्य हक़ों की मांगों के समाधान के लिए 3 अक्टूबर को डीसी कार्यालय फाजिल्का के घेराव संबंधी कीर्ति किसान यूनियन, पंजाब स्टूडेंट्स यूनियन, नौजवान भारत सभा और डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट द्वारा बाढ़ प्रभावित गांव तेजा रुहेला, राम सिंह, भैणी, दोना नानका, मुहारखिवा मनसा, मुहारसोना, मुहार जमशेर में बैठकें लगातार जारी हैं। कीर्ति किसान यूनियन के जिला प्रधान सुखचैन सिंह चक सैदौके और जिला सचिव मनदीप सिंह चक सैदौके, पंजाब स्टूडेंट्स यूनियन के प्रदेश महासचिव धीरज एवं जिला प्रधान कमलजीत सिंह और नौजवान भारत सभा के नेता राजन ने कहा कि यह बॉर्डर पट्टी के लोग हमेशा से ही कभी जंग और कभी बाढ़ की मार झेलते आए हैं। लेकिन सरकार ने कभी इन लोगों से वोट लेने के अलावा कभी कोई ख्याल नहीं रखा, सिर्फ़ और सिर्फ़ इन्हें झूठे वादे दिए हैं। जैसे इस बार भी बाढ़ की मार से हुई फसल के लिए केवल 20,000 रुपये मुआवजा रखा गया जबकि इन लोगों ने अपनी फसल पर 30,000 रुपये तक खर्च किए थे। इस बाढ़ में पंजाब सरकार के प्रबंध पूरी तरह असफल साबित हुए हैं। 3 अक्टूबर को डीसी कार्यालय फाजिल्का का घेराव करेंगे। इस मौके पर जैमल सिंह, नारायण सिंह, रूप सिंह, वंशदीप सिंह, गुरप्रीत, करन, सनम और गांवों के अन्य नौजवान उपस्थित थे।


