खंडवा जिले के पंधाना में गुरुवार शाम बड़ा हादसा हो गया। अर्दला डैम में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए गई ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से 11 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में ज्यादातर 8 बच्चे और किशोर हैं। इसके अलावा तीन गंभीर रूप से घायल हैं। ये जिला अस्पताल खंडवा के आईसीयू में भर्ती हैं। हादसे से पूरा गांव सदमे में है। जिस मां की प्रतिमा 9 दिन से घर में विराजमान थी, उसी का विसर्जन करने गए थे, लेकिन विसर्जन से पहले ही बच्चों की लाशें घर लौट आईं। ट्रॉली में 26 लोग सवार थे। हादसे की सूचना मिलने के दो घंटे बाद जिला प्रशासन, होमगार्ड और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। अंधेरा हो चुका था और उजाला नहीं था। इसलिए वाहनों की लाइट में डैम से शव निकाले गए। आखिरी शव चंदा का रात 8:30 बजे निकाला गया। मृतकों में रेलसिंग की दो बेटियां उर्मिला (15) व किरण (16), प्यारसिंग की दो बेटियां शर्मिला (15) व आरती (18) के अलावा चंदा (8), आयुष (9), रेवसिंग (13), दिनेश (13), संगीता (16), गणेश 20) और पाटलीबाई 25) शामिल हैं। उज्जैन में भी दो मौतें… इधर, उज्जैन के इंगोरिया में माता प्रतिमा विसर्जन के दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉली पुल से चंबल नदी में गिर गई। 12 नाबालिग बच्चे सवार थे। दो की मौत हुई, एक लापता है। हादसा हुआ कैसे? ड्राइवर ने डूबी हुई पुलिया में उतार दी ट्रैक्टर-ट्रॉली, इसलिए पलट गई शाम करीब 4 बजे जामली गांव के पास राजगढ़ पंचायत के पाडल फाटा फालिया से ट्रैक्टर-ट्रॉली में लोग अर्दला डैम विसर्जन के लिए जा रहे थे। रास्ते में डैम के बैकवॉटर का पानी भरा हुआ था। इसके बावजूद ड्राइवर ने ट्रैक्टर को पुरानी डूबी सड़क पर उतार दिया। पानी में 20 से 25 मीटर जाते ही डूब चुकी पुलिया के पास ट्रॉली पलट गई। 15 लोग तैरकर या खींचकर बाहर निकले, पर 11 लोग डूब गए। प्रत्यक्षदर्शी अजय ने बताया- हम बाइक से ट्रॉली के पीछे आ रहे थे। ट्रैक्टर मेरे चाचा दीपक चला रहे थे। उन्होंने तेजी से ट्रॉली को डैम में उतार दिया। जिन्हें तैरना आता था, वे बच गए, बाकी पानी में फंस गए। तस्वीर में यह बेसुध मां 8 साल की चंदा की है। सबसे आखिर में चंदा का ही शव निकाला गया। तब तक मां को उम्मीद थी कि शायद उनकी चंदा में जान हो। लेकिन खबर सुनते ही वे मौन हो गईं। कुछ बचा तो सिर्फ आंसू। चंदा का एक भाई, एक बहन है। 8 साल में ऐसे हादसों में 43 मौतें, 34 बच्चे जबकि गाइडलाइन, 10 से ज्यादा लोग न जाएं


