गिरिडीह जिले में पिछले दो दिनों से हो रही रुक-रुककर बारिश ने दशहरा उत्सव की रौनक फीकी कर दी है। विजयदशमी के अवसर पर जहां मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन की तैयारियां चल रही हैं। वहीं, खराब मौसम ने श्रद्धालुओं और आयोजकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दिनभर रुक-रुककर हुई बारिश के कारण श्रद्धालु दुर्गा मंडपों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे पूजा पंडालों में सन्नाटा पसरा रहा। कई जगहों पर जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे श्रद्धालुओं को पूजा स्थल और मेला मैदान तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है। भीड़ न जुटने से उनका कारोबार ठप हो गया है बारिश का सीधा असर मेले में दुकानदारों की कमाई पर पड़ा है। भीड़ न जुटने से उनका कारोबार ठप हो गया है। कई व्यापारी मायूस नजर आए, क्योंकि ग्राहकों की संख्या बेहद कम रही और बिक्री पर भारी असर पड़ा। कुछ दुकानदार तो सुबह ही अपनी दुकानें समेटकर लौट गए। दुकानदार विष्णु राम और मिथुन चंद्रवंशी ने बताया कि 1 अक्टूबर से लगातार हो रही बारिश से सभी दुकानदारों को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने अनुमान लगाया कि उन्हें लगभग 30 से 40 हजार रुपए तक का नुकसान उठाना पड़ा है। ठेले और खोमचे वाले तो पहले ही वापस चले गए थे। दुकानदारों को दुकान का किराया और स्टाफ का वेतन भी देना होगा। कारोबारियों के लिए भी यह नुकसानदायक साबित हो रहा प्रशासन की ओर से भी बारिश को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की दिक्कत न हो। लगातार बदलते मौसम ने जहां भक्तों की उत्सव भावना पर असर डाला है। वहीं, कारोबारियों के लिए भी यह नुकसानदायक साबित हो रहा है। श्रद्धालु उम्मीद कर रहे हैं कि मां दुर्गा की विदाई के साथ मौसम भी साफ हो जाए।


