कोटा ग्रामीण के मण्डाना थाना क्षेत्र के गांव रामगढ़ में अष्टमी पूजा के दौरान हुए विवाद ने बड़ा रूप ले लिया। मंगलवार रात करीब साढ़े आठ बजे माताजी के मंदिर पर पूजा चल रही थी, तभी गांव के दो गुटों में पुरानी रंजिश के चलते विवाद बढ़ा और गोली चल गई। गोली लगने से 29 वर्षीय शंकर लाल गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन उसे तुरंत कोटा के अस्पताल ले गए, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि मृतक के भाई लक्ष्मण ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि अष्टमी की पूजा में शामिल होने पर आरोपी बालूराम और बलराम ने उनके परिवार को धमकी दी कि अमरलाल से जुड़े मुकदमे को वापस ले लो। इसी बीच श्यामलाल पुत्र हमीर चारण, हाथ में हथियार लेकर पहुंचा और शंकर को निशाना बनाकर गोली चला दी। गोली सीधे शंकर की आंख पर लगी और वह वहीं गिर पड़ा। इसके बाद अन्य आरोपी भूरालाल, भवरलाल, किशन और बालू लाठियों और गंडासों से हमला करने लगे। इस हमले से पूरे गांव में दहशत फैल गई। एसपी ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर, एएसपी रामकल्याण मीणा और डीएसपी राजेश ढाका मौके पर पहुंचे। जिले की विशेष टीम, सायबर टीम, एमओबी और क्यूआरटी को अलर्ट कर आरोपियों की तलाश में अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। लगातार दबिश और गुप्त सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी श्यामलाल उम्र 36 वर्ष, निवासी रामगढ़ को गिरफ्तार करने में सफलता मिली। उन्होंने बताया कि पुलिस रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि श्यामलाल पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है और उसके खिलाफ 2014 में चोरी का मामला दर्ज है। फिलहाल पुलिस उससे गहन पूछताछ कर रही है और अन्य फरार आरोपियों की तलाश में दबिश जारी है। पुलिस का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है।


