सीधी जिले में शुक्रवार सुबह से हो रही लगातार बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। सुबह 10:30 बजे से शुरू हुई वर्षा चार घंटे से अधिक समय तक रुक-रुककर जारी रही। मानसून की विदाई के बाद हुई इस बारिश से किसानों को बड़ी राहत मिली है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, सीधी जिले में पिछले 24 घंटों में 6.59 इंच (167 मिमी) बारिश दर्ज की गई है। इसके चलते कई इलाकों में नदियां-नाले उफान पर हैं और नर्मदा का जलस्तर भी बढ़ गया है। पिछले सात दिनों का औसत भी सामान्य से अधिक रहा है, जिससे खेतों में पर्याप्त नमी बनी हुई है। बारिश से धान की फसल को फायदा कृषक विनीत तिवारी ने बताया कि खाद और सिंचाई की समस्या से किसान परेशान थे, लेकिन समय पर हुई इस बारिश ने धान की फसल को संजीवनी दी है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. धनंजय सिंह के मुताबिक, मौजूदा परिस्थितियां खेती के लिए अनुकूल हैं। धान की फसल को पर्याप्त पानी मिल रहा है, जबकि अरहर की फसल लगभग तैयार है और उसे कोई नुकसान नहीं हुआ है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बारिश का सिलसिला और तेज हुआ तो दलहन फसलों को हानि पहुंच सकती है। लगातार बरसात से जनजीवन भी प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। नवरात्रि के बाद मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन भी बारिश के बीच किया जा रहा है। श्रद्धालु तालाबों और नदियों तक पहुंचकर परंपरागत तरीके से विसर्जन कर रहे हैं।


