राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के सौ वर्ष पूरे होने पर शुक्रवार दोपहर रतनगढ़ में श्रीराम बस्ती और गणेश बस्ती का पथ संचलन निकाला गया। इसमें बस्ती के नए और पुराने स्वयंसेवकों ने भाग लिया। बाजार में जगह-जगह व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने पुष्प वर्षा कर पथ संचलन का स्वागत किया। मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग सेवा प्रमुख भंवरलाल बिंजला ने स्वयंसेवकों से सामाजिक समरसता, नागरिक शिष्टाचार, कुटुम्ब प्रबोधन, स्व का भाव और पर्यावरण संरक्षण को दैनिक जीवन में अपनाने का आग्रह किया। मुख्य मेहमान दानाराम ढाका ने कहा कि वे पहली बार संघ के कार्यक्रम में शामिल हुए हैं, लेकिन संघ के समाजसेवी कार्यों से काफी प्रभावित हैं। उन्होंने स्वयंसेवकों को भारत की चौथी सेना बताया, जो किसी भी आपदा या विपत्ति-काल में निस्वार्थ सेवा के लिए तैयार रहती है। ढाका ने यह भी कहा कि देश में कुछ लोग संघ की विचारधारा में विश्वास रखते हैं, जबकि कुछ इसके विपरीत हैं। हालांकि, यह बात संघ के कार्यकर्ताओं को विचलित नहीं करती। वे सामाजिक समरसता के भाव से अपने जन जागृति और कल्याणकारी कार्यों में लगे रहते हैं, और उनका पूरा ध्यान अपने कार्यों व लक्ष्य पर केंद्रित रहता है। इस संचलन कार्यक्रम में बस्तियों के काफी संख्या में स्वयंसेवक और सज्जन शक्ति मौजूद थे।


