जयपुर विकास प्राधिकरण का दायरा अब जयपुर जिले के अलावा दूसरे जिले तक बढ़ गया है। नगरीय विकास विभाग (यूडीएच) से जारी एक अधिसूचना के मुताबिक अब जयपुर जेडीए का दायरा जयपुर जिले से बाहर कोटपूतली-बहरोड़ जिले के भी गांव इसकी टेरिटरी में शामिल हो गए है। इसमें विराटनगर तहसील के 9 गांवों को शामिल किया है। आंधी, बस्सी, चाकसू, चौंमू, दूदू, जालसू, जमवारामगढ़, जोबनेर, कोटखावदा, किशनगढ़-रेनवाल, माधोराजपुरा, विराटनगर, तूंगा, शाहपुरा, फुलेरा, फागी, मौजमाबाद तहसीलों के कुल 632 गांवों को शामिल किया गया है। इन गांवों के अलावा 47 वे गांव शामिल किए गए है, जो जोबनेर, शाहपुरा और चाकसू नगर पालिका के मास्टर प्लान में शामिल थे, उनको भी अब जयपुर जेडीए में शामिल किया गया है। इसके अलावा जयपुर, चौंमू और सांगानेर तहसील के वे 14 गांव जो पहले जेडीए में रीजन में शामिल होने से रह गए थे, उनको भी शामिल किया गया है। ये होगा फायदा जेडीए रीजन में गांव आने का सबसे ज्यादा फायदा रोड नेटवर्क को लेकर होगा। आज कई गांव ऐसे है जहां आबादी बढ़ गई है और उसके अनुरूप सेक्टर रोड नहीं है। 80 फीट या उससे ज्यादा चौड़ाई की सड़कों का निर्माण जेडीए के स्तर पर ही करवाया गया है। इससे इन गांवों की कनेक्टिविटी दूसरे गांवों, कस्बों और शहरों से आसान बनती है। इन गांवों को शामिल करने के बाद अब जेडीए भविष्य का जो मास्टर प्लान तैयार करेगा, वो इन गांवों की जरूरतों, उसके रोड नेटवर्क और भविष्य में किए जाने वाले विकास के कार्यो को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा। इसके अलावा गांवों में जो सिवायचक (सरकारी) और खातेदारी की जमीनें है उनका लैंड यूज निर्धारण भी जेडीए के स्तर पर किया जाएगा। इसके साथ ही इन गांवों में बसने वाली योजनाओं को मंजूरी और जमीनों का भू-उपयोग परिवर्तन (कृषि से अकृषि उपयोग) की मंजूरी भी जेडीए के स्तर पर दी जाएगी।


