बूंदी के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में वन विभाग ने अवैध बजरी खनन और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई की है। इस दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि वन रक्षक के भाई और परिवार के सदस्य इसमें शामिल थे। विभाग ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर एक ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त की है। डीएफओ देवेंद्र सिंह भाटी ने बताया कि शुक्रवार को रामगढ़ टाइगर रिजर्व क्षेत्र में अवैध बजरी खनन और अन्य गतिविधियों के खिलाफ विभिन्न स्थानों पर कार्रवाई की गई। फोकानाडा वन चौकी क्षेत्र में वन रक्षक के भाई और कुछ अन्य लोग अवैध बजरी खनन व परिवहन करते पकड़े गए। टीम ने दबिश दी तो आरोपी भागने लगे, लेकिन टीम के एक सदस्य ने मोतीपुरा गांव से पहले ही उन्हें पकड़ लिया। वन विभाग ने दो आरोपियों को ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित गिरफ्तार किया है। इस मामले में वन रक्षक की भूमिका की भी जांच की जा रही है। इसके अतिरिक्त हिंडोली क्षेत्र में वन भूमि से अतिक्रमण हटाया गया। इंदरगढ़ इलाके में अवैध बजरी परिवहन करते हुए एक और ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर थाने में खड़ी करवाई गई। मायजा चौकी क्षेत्र से भी अवैध खनन में इस्तेमाल की जा रही जेसीबी मशीन और अन्य उपकरण जब्त किए गए। इसी तरह गरड़दा इलाके के गंवार में अवैध खनन को लेकर वन चौकी स्टाफ की मिलीभगत सामने आने पर पूरे स्टाफ को हटा दिया गया है। यहां डायवर्जन लीज सहित वन भूमि पर अवैध खनन की शिकायतें मिली थीं। मौके पर वन भूमि पर अवैध खनन का मलबा भी पाया गया। विभाग इस मामले में कर्मचारियों की संलिप्तता की जांच कर रहा है। जिले में कई स्थानों पर वन विभाग के कर्मचारियों और उनके रिश्तेदारों द्वारा मिट्टी व बजरी के अवैध खनन व परिवहन की शिकायतें मिली थीं। इसी के मद्देनजर, पुख्ता जानकारी जुटाने के लिए सिविल ड्रेस में अलग-अलग टीमें गठित की गई थीं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।


