धौलपुर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एडीजे रेखा यादव ने सखी वन स्टॉप सेंटर का आकस्मिक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार और जिला एवं सेशन न्यायाधीश अरुण कुमार अग्रवाल के मार्गदर्शन में किया गया। इसका उद्देश्य जिले में पीड़ित महिलाओं की सहायता हेतु संचालित केंद्र की व्यवस्थाओं का जायजा लेना था। निरीक्षण के दौरान सचिव रेखा यादव ने केंद्र द्वारा पीड़ित महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की समीक्षा की। इस दौरान केंद्र पर कोई बालिका या महिला उपस्थित नहीं थी। उन्होंने हिंसा पीड़ित महिलाओं से संबंधित सभी रजिस्टरों में दर्ज प्रविष्टियों की गहनता से जांच की। जांच में पाया गया कि मनियां, धौलपुर की एक बालिका से संबंधित 29 सितंबर 2025 की प्रविष्टि रजिस्टर में दर्ज नहीं थी। वन स्टॉप इंचार्ज ने बताया कि उनके यहां दो रजिस्टरों में एंट्री की जाती है: एक आश्रयस्थल पर आई बालिकाओं/महिलाओं के लिए और दूसरा उनके परिवार वालों के लिए। सचिव ने पिछले महीने की प्रविष्टियां भी देखीं। इंचार्ज ने बताया कि 29 सितंबर 2025 को प्रेरणा नगर, धौलपुर की एक 18 वर्षीय बालिका शादी करना चाहती थी और 30 सितंबर 2025 को बसईसांवता, धौलपुर की एक बालिका घरेलू हिंसा के प्रकरण के साथ आई थी। दोनों बालिकाओं को 1 अक्टूबर 2025 को केंद्र से उनके घर भेज दिया गया था। इंचार्ज ने यह भी स्पष्ट किया कि वन स्टॉप सेंटर में बालिकाओं और महिलाओं को अधिकतम पांच दिनों तक अस्थायी आश्रय की सुविधा उपलब्ध है। निरीक्षण के दौरान सचिव रेखा यादव ने केंद्र में उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा, कानूनी सहायता और मानसिक परामर्श सेवाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने केंद्र में तैनात स्टाफ को निर्देश दिए कि हर पीड़िता को आवश्यकतानुसार निशुल्क कानूनी सहायता सुनिश्चित की जाए। साथ ही, गर्मी और बरसात के मौसम को देखते हुए बचाव आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए भी आवश्यक निर्देश दिए गए। सचिव रेखा यादव ने सखी वन स्टॉप सेंटर में आने वाली पीड़ित महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों और निःशुल्क विधिक सहायता को लेकर भी जानकारी दी।


