दशहरे के बाद भगवान राम की तपस्थली चित्रकूट और उनके राजा स्वरूप वाली ओरछा नगरी के विकास को लेकर प्रस्तावित कामों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण के बाद पर्यटकों और श्रद्धालुओं का सारा फोकस चित्रकूट पर है। इसलिए चित्रकूट में धार्मिक के साथ मेडिकल पर्यटन की भी सभी संभावनाएं विकसित करने के लिए ठोस कार्यवाही की जाए। चित्रकूट में उच्च कोटि का हेल्थ वेलनेस सेंटर बनाया जाए। इससे चित्रकूट आने वाले पर्यटकों को सामान्य सहित आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध हो सकेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रीराम पथ गमन निर्माण के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय और तालमेल से प्रभावी कार्यवाही करें। समयबद्ध योजना के अनुसार आवंटित बजट का उपयोग करें और प्रबंधन कर सभी निर्माणाधीन कार्य समय-सीमा में पूरे करें। उन्होंने कहा कि श्रीराम पथ गमन निर्माण से पहले परिक्रमा पथ तैयार किया जाए, इससे देश-विदेश के पर्यटकों के बीच चित्रकूट का व्यापक प्रचार होगा। उन्होंने कहा कि चित्रकूट के घाटों पर पर्यटकों को आध्यात्मिक अनुभव होना चाहिए और हमारे सभी प्रयास इसी दिशा में आगे बढ़ने चाहिए। मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में श्रीराम पथ गमन कार्य योजना की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में श्रीराम पथ गमन क्षेत्र अंतर्गत आरंभिक रूप से मध्यप्रदेश में 9 जिलों के अंतर्गत 23 स्थान चिह्नित किए गए हैं। कार्ययोजना में इन चिह्नित 23 स्थलों की विकास कार्य योजना प्रारूप, कॉन्सेप्ट मास्टर प्लान, वास्तुविद डिजाइन, ड्राइंग्स इत्यादि के निर्धारण हेतु म.प्र. पर्यटन विकास निगम द्वारा टेंडर बुलाने का काम चल रहा है। सीएम ने दिए ये निर्देश चित्रकूट और ओरछा में हो रहे ये कार्य ये काम भी करा रही सरकार प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग ने यह जानकारी दी प्रमुख सचिव लोक निर्माण सुखवीर सिंह ने बताया कि वर्तमान में लोक निर्माण विभाग द्वारा 34.30 किमी सड़कों के निर्माण पर 117.79 करोड़ के प्रस्ताव है। इनमें से श्री राम पथ गमन के 7.5 किमी मार्गों की प्रशासकीय स्वीकृति लेकर टेंडर बुलाए जा चुके हैं। 14 किमी लंबाई के मार्ग की प्रशासकीय स्वीकृति के लिए वित्तीय व्यय समिति की बैठक हो चुकी है।


