गुढ़ागौड़जी थाना पुलिस ने टीटनवाड़ में वन विभाग की टीम पर हमला कर हरी लकड़ियों से भरी पिकअप गाड़ी लूटने के मामले में आरोपी सत्येंद्र सिंह उर्फ बंटी को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले इसी मामले में दो आरोपी पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं। वन अधिकारी रणधीर सिंह ने इस पूरी घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसमें सरकारी कार्य में बाधा, जानलेवा हमला, धमकी और जब्त वाहन को छुड़ाने के आरोप शामिल किए गए। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस निरीक्षक राममनोहर के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई। टीम ने लगातार दबिश देकर आरोपी सत्येंद्र सिंह उर्फ बंटी (उम्र 25 वर्ष) पुत्र प्रहलाद सिंह निवासी पोसाना को धोलाखेड़ा से गिरफ्तार कर लिया। यह थी वारदात 10 अगस्त 2025 की रात करीब साढ़े 11 बजे वन विभाग की टीम गश्त पर थी। टीम में सहायक वन संरक्षक हरेंद्र भाकर, क्षेत्रीय वन अधिकारी अमित सैनी, वनपाल जयवीर सिंह, सत्यवीर सिंह, सहायक वनपाल पिंकु कुमार और रणधीर सिंह शामिल थे। गश्त के दौरान जब टीम महला की ढाणी, तन टीटनवाड़ के पास पहुंची तो उन्हें हरी लकड़ियों से भरी एक पिकअप (आरजे18 जीसी 6249) आती दिखाई दी। वन कर्मियों ने गाड़ी को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक ने तेज गति से वाहन चलाते हुए गश्ती दल की गाड़ी को कई बार टक्कर मारने की कोशिश की। लगातार पीछा करने पर आरोपी ने गाड़ी को एक बाड़े में खड़ी कर दी और चाबी लेकर फरार हो गया। टीम ने तुरंत गुढ़ागौड़जी पुलिस को फोन से सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और जब्त वाहन को बाहर निकालने और कब्जे में लेने की कार्रवाई शुरू की ही थी कि तभी मौके पर दो गाड़ियां आई। इन वाहनों में करीब 20 लोग सवार थे। इनमें 4 महिलाएं भी थी। इनमें मुकेश कुमार पुत्र शिवपाल निवासी रघुनाथपुरा, सचिन पुत्र विनोद निवासी भौडकी, सुधेश पुत्र बनवारीलाल, संदीप पुत्र शिवपाल निवासी रघुनाथपुरा, सत्येंद्र उर्फ बंटी पुत्र प्रहलाद सिंह निवासी पोसाना और हिरालाल पुत्र नारायण सिंह निवासी पोसाना प्रमुख रूप से शामिल थे। इन लोगों ने वन विभाग की टीम के साथ गाली-गलौज और धक्का-मुक्की शुरू कर दी। उन्होंने जब्त की जा रही पिकअप को छुड़ाने की कोशिश की। इसी दौरान आरोपी मुकेश कुमार ने पिकअप में बैठकर उसे स्टार्ट किया और सहायक वन संरक्षक हरेंद्र भाकर को कुचलने का प्रयास किया। इसके बाद आरोपी गाड़ी लेकर गुढ़ागौड़जी की ओर भाग निकले।


