बड़वानी के धोबड़िया हिल्स स्थित मां वैष्णोदेवी मंदिर में शनिवार को नवरात्रि समापन पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें हजारों भक्तों ने प्रसादी ग्रहण की। सुबह 10 बजे से शुरू हुआ यह भंडारा देर शाम तक चला, जिसमें भक्तों के साथ-साथ सेवादारों की भी भारी भीड़ उमड़ी। शनिवार सुबह से ही मंदिर में भक्तों का तांता लगना शुरू हो गया था। सुबह 9 बजे माता की आरती के बाद 51 कन्याओं को भोज कराया गया। इसके उपरांत प्रसादी वितरण का क्रम आरंभ हुआ। मंदिर परिसर और बीएसएनएल कार्यालय के पास लगे पंडालों में हजारों श्रद्धालुओं ने भोजन ग्रहण किया। कारंजा चौराहे से मंदिर तक का मार्ग दिनभर भक्तों से भरा रहा। इस विशाल भंडारे में भोजन परोसने और व्यवस्था संभालने के लिए सैकड़ों स्वयंसेवकों ने योगदान दिया। 400 से अधिक महिला-पुरुष, युवा और बच्चों ने अलग-अलग पंडालों में अपनी सेवाएं दीं। वहीं, 150 से अधिक हलवाइयों की एक टीम ने विशेष पंडाल में लगातार प्रसादी तैयार करने का काम किया। भंडारे के मार्ग पर महेंद्र टॉकीज से मंदिर प्रांगण तक नगर पालिका और कई स्वयंसेवी संस्थाओं ने पेयजल स्टॉल लगाए। इसके अतिरिक्त, पूजन सामग्री, नारियल, धार्मिक पुस्तकें, माता के चित्र और बच्चों के खिलौने बेचने वाली अस्थायी दुकानें भी सजी थीं, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल बन गया था। इन गांवों से पहुंचे श्रद्धालु मंदिर समिति के अनुसार, इस महाप्रसादी भंडारे में बड़वानी शहर के साथ-साथ बंधान, बड़गांव, सजवानी, रेहगून, बालकुआं, चिखल्दा, एकलरा, छोटी कसरावद, करी, तलून, पीपलूद, आमल्यिापानी, नानी बड़वानी, कल्याणपुरा और भीलखेड़ा जैसे आसपास के कई गांवों से भी श्रद्धालु पहुंचे थे। 45 हजार भक्तों के लिए प्रसादी वितरित मंदिर के संरक्षक आनंद हल्दीवाल ने बताया कि जनसहयोग से आयोजित होने वाले इस भंडारे का यह 30वां वर्ष था। भंडारे के लिए परिसर में एक विशाल शामियाना लगाया गया था, जिसमें एक बार में लगभग 2,000 से 2,500 भक्त बैठकर प्रसादी ग्रहण कर सकते थे। इस अवसर पर कुल 45,000 भक्तों के लिए प्रसादी तैयार की गई थी। इसमें 21 क्विंटल शकर की नुक्ती, 45 क्विंटल आटे की पुड़ी, 20 क्विंटल मिश्रित सब्जियां तैयार की गई। मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्घालुओं के लिए सवा क्विंटल हलुवे की महाप्रसादी वितरित की गई।


