मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर सोशल मीडिया पर तथाकथित टिप्पणी करने वाले स्वामी आनंद स्वरूप के विरोध में अशोकनगर सर्व समाज ने ज्ञापन सौंपा है। शनिवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय में एकत्र होकर समाज के प्रतिनिधियों ने स्वामी आनंद स्वरूप के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। उन्होंने कलेक्टर के नाम एसडीएम बृज बिहारी लाल श्रीवास्तव को ज्ञापन दिया वहीं पुलिस अधीक्षक के नाम कोतवाली थाना प्रभारी रवि प्रताप चौहान को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि 2 अक्टूबर को स्वामी आनंद स्वरूप ने फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट किया था। इस वीडियो में उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव सहित पिछड़े वर्ग और उनके नेताओं के प्रति अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया। ज्ञापन में कहा-बाबा ने सीएम को रामद्रोही और राष्ट्रद्रोही कहा ज्ञापन में कहा गया है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक हिंदुत्व वादी विचारधारा के नेता हैं, जिन्होंने धार्मिक मूल्यों को सदैव प्राथमिकता दी है। हाल ही में उन्होंने अपनी नई कैबिनेट के साथ अयोध्या धाम में भगवान श्रीराम के दर्शन कर अपने कार्यकाल की शुरुआत की थी। ऐसे में उन्हें ‘रामद्रोही’ और ‘राष्ट्रद्रोही’ जैसे गंभीर आरोपों से संबोधित करना न केवल उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास है, बल्कि सामाजिक सौहार्द को भी ठेस पहुंचाने वाला है। पूर्व में अंबेडकर पर भी टिप्पणी कर चुका बाबा ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि यह पहला मौका नहीं है जब स्वामी आनंद स्वरूप ने ऐसी टिप्पणी की है। पूर्व में भी वे भारतीय संविधान और डॉ. भीमराव अंबेडकर के प्रति अपमानजनक टिप्पणियां कर चुके हैं, जिसे गंभीर अपराध और देशद्रोह की श्रेणी में रखा गया है। सर्व समाज के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करेंगे। इस दौरान उनेहोंने तथाकथित बाबा के खिलाफ नारेबाजी की।


