कलेक्टर नीतू माथुर ने ग्राम कवठु में आयोजित खाटला बैठक में ग्रामीणों को भावांतर योजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने किसानों से इस योजना के तहत अधिक से अधिक पंजीयन कराने का आग्रह किया, ताकि वे अपनी फसल का उचित मूल्य प्राप्त कर सकें। उन्होंने इस दौरान गांव की महिलाओं से भी बात की। कलेक्टर ने बताया कि जिले में सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए भावांतर योजना के तहत 14 संस्थाओं में पंजीयन किया जा रहा है। यह पंजीयन 17 अक्टूबर, 2025 तक चलेगा। इसके बाद, 24 अक्टूबर, 2025 से 15 जनवरी, 2026 तक जिले की सभी मंडी प्रांगणों में किसानों से सोयाबीन की खरीद की जाएगी। योजना के अंतर्गत, भारत सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य 5328 रुपये प्रति क्विंटल है। राज्य सरकार किसानों को मंडी के मॉडल भाव या विक्रय मूल्य और समर्थन मूल्य के अंतर की राशि प्रदान करेगी। किसानों का ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन 3 अक्टूबर से शुरू हो चुका है, जिसकी अंतिम तिथि 17 अक्टूबर निर्धारित है। कलेक्टर ने बताया कि भावांतर योजना किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य किसानों को बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाना और उनकी आय में स्थिरता लाना है। योजना के सुचारु संचालन के लिए जिला और मंडी स्तर पर समितियां भी गठित की गई हैं।


