जैंतगढ़ | दुर्गा पूजा पारा शिक्षकों ने सादगी के साथ मनाया। पूजा से पहले मानदेय का भुगतान नहीं होने के कारण पारा शिक्षक सहित विभिन्न विभागों में कार्यरत संविदा कर्मियों की पूजा भी फीकी रही। जबकि सरकारी कर्मियों ने अग्रिम भुगतान का लाभ उठाया। अब दुर्गा पूजा का उत्सव तो पारा शिक्षकों के लिए फीका रहा। 7 अक्टूबर को लक्ष्मी पूजा है जिसे ओड़िया बहुल क्षेत्र में धूमधाम के साथ मनाया जाता है। अब लक्ष्मी पूजा पर भी आफत है। ये पर्व भी सादगी के साथ मनाई जाएगी। पारा शिक्षक संघ के पूर्व जिला अध्यक्ष सह केंद्रीय सक्रिय सदस्य दीपक कुमार बेहरा ने कहा सरकार पारा शिक्षकों के साथ बराबर सौतेला व्यवहार करती आई है। जहां लाख टकिया वेतन धारी सरकारी शिक्षकों को अग्रिम भुगतान का लाभ प्राप्त है। वहीं अठारह से बीस हजार पाने वाले पारा शिक्षकों को नियमित मानदेय नहीं िमल रहा। सरकार एक आंख में काजल तो दूसरे में सुरमा लगा रही है। नेता शंकर गुप्ता ने कहा कि पारा शिक्षक अस्तित्व में आने के दिन से उपेक्षा का दंश झेल रहे है। सामान काम का सामान वेतन और सामाजिक न्याय की बाते जुमला मात्र है। सरकारी शिक्षक सुविधाओं से लैस है जबकि उनसे दुगुना उत्साह के साथ अधिक काम कर रहे पारा शिक्षक कठिन जीवन जीने को बाध्य है।


