भास्कर न्यूज | इटखोरी बक्सा चेक डैम पार करने के दौरान गत 2 अक्टूबर को पैर फिसलने से नदी के तेज धार में बहे सोनू शर्मा का काफी खोजबीन के बाद चौथे दिन भी कुछ सुराग नहीं मिला है। 96 घंटे बीत जाने के बाद भी सोनू का कुछ ट्रेस नहीं मिलने से परिवार वालों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है। गांव के ग्रामीण भी इस घटना से काफी चिंतित हैं। परिजनों के दुख से उनके भी आंख से आंसू बह रहें हैं।रविवार को घटना के चौथे दिन भी सोनू के परिजनों के साथ स्थानीय 50 से ऊपर युवाओं ने टीम बनाकर बंदा, अरमेदाग, मुड़िया और तमासिन जलप्रपात, नदी एवं जंगलों का भ्रमण कर खाक छानी, मगर सोनू का कुछ अता-पता नहीं चल पाया है। सोनू के परिवार वालों ने बताया कि घटना के चौथे दिन बीत जाने के बाद भी जिला प्रशासन गंभीर नहीं हुए हैं। यह चिंता का विषय बना हुआ है। परिवार वालों ने अपने स्तर से गोताखोरों द्वारा मुहाने नदी के दूर-दूर तक खोजबीन करवा कर परेशान हो गए हैं। मगर उसका कुछ कहीं अता पता नहीं चल पाया है। उसके परिजनों ने कहा कि एनडीआरफ की टीम भी अपनी व्यस्तता का हवाला देते हुए यहां आने से असमर्थता जताई है। ऐसी स्थिति में जिला प्रशासन को गंभीर होकर पानी में बहे युवक की खोजबीन करवानी चाहिए थी। बता दें की पानी में बहे युवक सोनू शर्मा 27 साल का है और वह शादी-शुदा भी है।


