गंदगी के ढेर के बीच बिक रहीं सब्जियां, सफाई व्यवस्था ठप, ये बीमारियों का घर

भास्कर संवाददाता|पाली यह है शहर की सावित्री बाई फूले सब्जी मंडी। जो साल 1994 में रामलीला मैदान के पास शुरू हुई थी। मंडी में सब्जी और फलों की 50 से ज्यादा दुकानें हैं। रोज सैकड़ों लोग सब्जी खरीदने व किसान बेचने आते हैं। सब्जी मंडी सफाई व्यवस्था बिगड़ी पड़ी है। मंडी में चारों तरफ कचरे के ढेर लगे पड़े हैं। गंदगी के बीच बिकती सब्जियों से टाइफाइड, डायरिया, हैजा, पीलिया और हैपेटाइटिस जैसी बीमारी का डर बढ़ गया है। किसान नीचे बैठकर कर सब्जियांं बेचते हैं। सावित्री बाई फूले सब्जी मंडी अध्यक्ष डराराम परिहार का कहना है कि सब्जी मंडी से सप्ताह में एक बार कचरा उठता है। सभी व्यापारियों ने सफाई के लिए मंडी में 5 कचरा पात्र रखने की डिमांड कोराना काल में भी भेजी थी। सिर्फ एक ही कचरा पात्र मिल सका। मंडी में कचरा उठाने को लेकर आशापुरा एंटरप्राइजेज फर्म को ठेका दे रखा है। इसमें 6 कर्मचारियों को कचरा उठाने के लिए लगा रखा है। फर्म ने कचरा समय पर नहीं उठाया तो फर्म को 15 दिन पहले ही नोटिस भी दिया जा चुका है। फर्म को प्रत्येक ट्रैक्टर ट्रॉली के हिसाब से भुगतान होता है। प्रत्येक ट्रॉली का 495 रुपए तय है। नोटिस के बावजूद कचरा : कृषि उपज मंडी के सचिव भागीरथ प्रजापत ने बताया कि सफाई के नाम पर भुगतान तभी किया जाता है जब व्यापार संघ के लोग रिपोर्ट देते हैं। समय पर सफाई नहीं हुई तो फर्म को नोटिस देकर पाबंद किया था। अब भी सफाई नहीं हुई तो करवा देंगे। जुलाई- सितंबर तक का भुगतान नहीं किया है। पुनायता मेन रोड शिव वाटिका के पास पिछले 15 दिन से 3 जगह से एलएनटी पाइप लाइन लीक होने से रोज हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा है। मेन रोड पर कीचड़ जमा होने से राहगीर परेशान हैं। इससे 5 स्कूलों के बच्चे गुजरते हैं। इसकी 3 बार राजस्थान सम्पर्क पर शिकायत दर्ज कराने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। ये फोटो भास्कर पाठक प्रकाश जोशी ने उपलब्ध करवाई है। नाले और गंदगी के पास सब्जियां बिक रही हैं तो स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है। सड़ी गली और मक्खियां बैठी सब्जियों के खाने से दस्त, उल्टी जैसी बीमारियांं होती हैं। नेट जरूरी है। 24 घंटे फ्रेश रखने के लिए 10 से 15 डिग्री तापमान के बीच रखना जरूरी है। गंदगी के कारण कीड़े पैदा होंगे, जिससे संक्रमण हो सकता है। जोधपुर व आसपास के क्षेत्र में सीवरेज के पानी से फूल गोभी व बंद गोभी लगाते हैं। ऐसी गोभी में फीता कृमि (वोम्स) रहते हैं। इन गोभी में फीता कृमि के अंडे होते हैं। कच्ची या आधी पक्की खा लें तो कृमि ब्रेन में चले जाते हैं। सब्जियों को गर्म पानी व नॉर्मल पानी से अच्छे से धोना चाहिए। प्रवीण गर्ग, एचओडी मेडिसिन विभाग आप भी बताना चाहते हैं शहर की किसी जन समस्या के बारे में, तो उससे जुड़ी डिटेल और फोटो अपने नाम-पते के साथ हमें 9462559148 नंबर पर वॉट्सएप कीजिए।

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