स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद बोले–हमें मुसलमानों के वोट नहीं चाहिए:सनातनियों की पहली पार्टी बनाएंगे; गौ माता की रक्षा को बनाएंगे चुनावी मुद्दा

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती बिहार दौरे पर हैं। उन्होंने एक संकल्प लिया है, ‘हम बिहार के 243 सीटों पर निर्दलीय गौ भक्त प्रत्याशी उतारेंगे, ताकि हम गोरक्षा कर सकें। हमारा उद्देश्य केवल सनातनी मतदाताओं को संगठित करना और गौ माता की रक्षा को चुनावी मंच पर प्रमुख मुद्दा बनाना है।’ शंकराचार्य ने साफ किया कि मुसलमान देश के नागरिक हैं, लेकिन वे हमारे वोटर नहीं हैं। हमें इस समुदाय से वोट नहीं चाहिए। पर्याप्त संख्या में सनातनी मतदाता खड़े होंगे, तो वे अपना राज खुद बना लेंगे। बिहार में शंकराचार्य का एजेंडा क्या है? उनकी पार्टी कैसे तैयार होगी? कैंडिडेट का सिलेक्शन कैसे होगा? क्या वे मुसलमानों के वोट लेंगे? दैनिक भास्कर के इन सवालों पर स्वामी ने खुलकर बातचीत की। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल: आपकी पार्टी बनाने का मुख्य उद्देश्य क्या है? जवाब: हमें गौ माता की रक्षा करना है। सनातन धर्म के मानने वाले जो लोग हैं, वो इस देश में बहुसंख्यक हैं। उनकी हृदय की पीड़ा है, उनका हरण करना हमारी पार्टी का उद्देश्य है। सवाल: पार्टी की संरचना कैसे करेंगे? जवाब: पार्टी की संरचना हम नहीं करेंगे। हम धर्माचार्य हैं, हम केवल एक वातावरण निर्मित कर रहे हैं। जो लोग राजनीति करने वाले हैं, वो इसको समझेंगे। हमारे हाथ से वोट छिटक रहा है, तो वो लोग पार्टी की रचना करेंगे और उसी अनुसार लोगों के पास जाएंगे। यह काम हमारा नहीं है। सवाल: पार्टी का वोट बैंक क्या होगा? जवाब: पार्टी का वोट बैंक सनातनी, शुद्ध सनातनी हैं। ये लोग धीरे-धीरे सब जान जाएंगे। इसके बाद वो हमारी पार्टी को अपना मत देकर खड़ा करेंगे। सवाल: क्या आप मुसलमानों से भी वोट चाहेंगे? जवाब: मुसलमानों से हमारा सीधा कोई मतलब नहीं है। मुसलमान हमारे देश के नागरिक हैं। हमें इससे कोई दिक्कत नहीं है। उनसे सीधे कोई भागीदारी भी हम नहीं चाहते हैं। इसके लिए हमारे सनातनी ही काफी हैं। अभी भी हम बहुमत में हैं। अगर सनातनी खड़े हो जाएंगे, तो अपना संगठन खड़ा कर लेंगे। सवाल: अगर आपकी पार्टी सीटें जीतती है तो आप किसे समर्थन देंगे? जवाब: हम गौ माता को सपोर्ट करेंगे। भारतीय संस्कृति को सपोर्ट करेंगे। हम किसी सरकार में नहीं जाएंगे। जब तक हमारी सरकार नहीं बनेगी, तब तक अपना मुद्दा उठाते रहेंगे। हमारे विधायक विधानसभा जाकर हमारे मुद्दों के लिए लड़ेंगे। सवाल: बीजेपी का कहना है कि आप वोट काटने के लिए आए हैं, आप एक ‘वोट-कटवा’ हैं? जवाब: ये तो ठीक है ना! इसका मतलब है कि वो यह मान रहे हैं कि हमारे वोट कट रहे हैं। अगर कट रहे होंगे तो वो ‘वोट-कटवा’ ही तो कहेंगे और क्या कहेंगे? हम वोट काटने नहीं आए हैं। हम सनातनी को प्रेरित करने आए हैं। अगर वो सनातनी पथ पर चलने लगते तो उनके वोट न कटते। वो सनातनी लोगों की भावना को समझेंगे नहीं, गौ हत्या को बढ़ावा देंगे तो उनके वोट कटेंगे। आगे कोई भी उनको वोट नहीं देगा। सवाल: चुनाव लड़ने के लिए फंड की जरूरत होती है, उसकी व्यवस्था कैसे होगी? जवाब: ऐसे कोई फंड की जरूरत नहीं होती है। चुनाव के समय फंड की बात जब से आई है, तभी से देश में भ्रष्टाचार बढ़ गया है। हमारा जो प्रत्याशी होगा, वो बिल्कुल एक रुपए भी चुनाव में खर्च नहीं करेगा। 10 हजार रुपए डिपोजिट लग रहा है। एफिडेविट बनाने में एक से दो हजार लगेगा। इसके अलावा चुनाव में कोई खर्च नहीं है। किसी को कोई पैसा हम नहीं देंगे। सवाल: आप अपने उम्मीदवारों का चयन कैसे करेंगे? जवाब: देखिए, अभी हमारी परिस्थिति आधी-आधी है। कुछ लोगों को हम पहले से जानते हैं। उनके स्वभाव और प्रकृति से हम परिचित हैं। हम बिहार में घूम रहे हैं। उनलोगों के बीच एक सर्वे कराया जाएगा, जिसका रिपोर्ट कार्ड अच्छा रहेगा, उनसे हम शपथ पत्र लेंगे। शपथ पत्र के आधार पर भरोसा करेंगे। सवाल: उम्मीदवार बनने के लिए मुख्य शर्त क्या होगी? जवाब: गौ रक्षा की भावना उसके मन में होनी चाहिए। गायों के प्रति प्रबल भक्ति होनी चाहिए, भारतीय संस्कृति और धर्म के प्रति श्रद्धा होनी चाहिए। सवाल: बिहार में पार्टी का कोई कार्यालय खुला है? जवाब: देखिए, पश्चिमी चंपारण में पहला कार्यालय हमारा खुल गया है। अब धीरे-धीरे खुलने लगेंगे। अभी तो हमारा पहला आगमन हुआ है, पहली बार हम घूम रहे हैं। पहली बार सनातनी राजनीति की बात इस देश में हो रही है। आजादी के बाद से आज तक सनातनी राजनीति की बात नहीं होती थी।

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