दिल के गंभीर मरीजों के लिए राहत की खबर है। एसएमएस अस्पताल में इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियो वेस्कुलर साइंसेज (ICVS) का पांच मंजिला भवन बनकर तैयार हो गया है। सिविल वर्क पर 53 करोड़ रु. खर्च हुए हैं। उपकरणों पर 40 करोड़ खर्च होंगे। मार्च-2026 से यहां एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं शुरू हो जाएंगी। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य-डॉ. दीपक माहेश्वरी ने बताया कि कोरोनरी लेजर तकनीक से एंजियोप्लास्टी होगी, जिससे दिल को खून पहुंचाने वाली नसों में 100% ब्लॉकेज और धमनियों में जमा कैल्शियम को बिना बाईपास सर्जरी हटाया जा सकेगा। राज्य के सरकारी अस्पतालों में पहली बार ये सुविधा कुल 212 बेड; ग्राउंड फ्लोर: रजिस्ट्रेशन रूम, ओपीडी, वेटिंग एरिया, डायग्नोस्टिक सर्विस, इमरजेंसी वार्ड, डॉक्टर लॉन्ज और फार्मेसी


