राजगढ़ जिले में खरीफ की फसलों में हुए भारी नुकसान को लेकर सोमवार को जिला कांग्रेस ने मुख्यमंत्री मोहन यादव सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रियव्रत सिंह के नेतृत्व में पूर्व विधायक , पूर्व जिलाध्यक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष और अन्य नेता कलेक्टर कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने कार्यालय गेट के बाहर बैठकर ‘रघुपति राघव राजा राम’ गाकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया। इसके बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर गिरीश कुमार मिश्रा से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि राजगढ़ जिले में सोयाबीन फसल में पीला मोजेक रोग और अन्य फसलों में अतिवृष्टि के कारण भारी नुकसान हुआ है। इस बारे में कांग्रेस ने पहले ही 5 से 16 सितंबर के बीच जिले की सभी तहसीलों के तहसीलदारों को ज्ञापन देकर अवगत कराया था। कलेक्टर द्वारा सर्वे कराने के आदेश भी दिए गए थे, लेकिन 3 अक्टूबर को जब राज्य सरकार ने 17 जिलों में किसानों को मुआवजा राशि वितरित की, तो राजगढ़ जिला उस सूची में शामिल नहीं था। “बताएं राजगढ़ क्यों छूटा” – प्रियव्रत
कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में कांग्रेस ने मांग की कि अब तक तैयार की गई सर्वे रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि किन कारणों से जिले को राहत सूची से बाहर रखा गया। बाद में जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में प्रियव्रत सिंह ने कहा “4 से 16 सितंबर तक कांग्रेस ने फसल नुकसान को लेकर प्रदर्शन किए। हमने बार-बार बताया कि सोयाबीन में पीला मोजेक रोग फैला है, लेकिन शासन ने दावा कर दिया कि ऐसा कोई रोग हुआ ही नहीं। मुख्यमंत्री ने 3 अक्टूबर को मुआवजा डाला, लेकिन राजगढ़ को छोड़ दिया गया।” सिंह ने बताया कि जब वे कलेक्टर से मिले तो उन्होंने कहा कि रिपोर्ट दो दिन में साझा की जाएगी। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जिले में करीब 70 प्रतिशत क्षेत्र में बोई जाने वाली 9560 किस्म की सोयाबीन फसल पीले मोजेक रोग से प्रभावित हुई, किसानों की उपज पचास किलो से एक क्विंटल प्रति एकड़ से अधिक नहीं निकली। “भाजपा की मंशा में कालापन है”
प्रियव्रत सिंह ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, “राजगढ़ के किसानों की पुकार सरकार तक पहुंचाने के लिए हमने हर तहसील में आंदोलन किए, लेकिन सरकार ने जिले को जानबूझकर मुआवजे से वंचित रखा। मुख्यमंत्री की मंशा साफ दिख रही है कि वे कांग्रेस शासित इलाकों की अनदेखी कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि लाडली बहना योजना का पोर्टल भी अब तक बंद पड़ा है, जिससे बहनों को तीन हजार रुपए माह का लाभ नहीं मिल पा रहा। सिंह ने कहा कि “भाजपा वाले जनता को गुमराह करेंगे, लेकिन असल में किसी को लाभ नहीं दिलाएंगे।”


