झारखंड पात्रता परीक्षा (जेट) की रजिस्ट्रेशन तिथि बढ़ाए जाने के बावजूद सोमवार को शहीद चौक स्थित रांची यूनिवर्सिटी में डिग्री लेने के लिए सैकड़ों पासआउट छात्र उमड़ पड़े। डिग्री वितरण की व्यवस्था संभालने के लिए प्रशासन ने आठ काउंटर बनाए थे, लेकिन भीड़ इतनी ज्यादा थी कि कई जगह अव्यवस्था और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। परीक्षा विभाग की ओर से बताया गया कि केवल शुक्रवार को ही करीब 2000 डिग्रियां वितरित की गईं। प्रभारी कुलपति प्रो. डीके सिंह घर से लेकर कार्यालय तक लगातार सिग्नेचर कर रहे हैं, ताकि आवेदन देने वाले छात्रों को कम से कम समय में डिग्री उपलब्ध कराई जा सके। परीक्षा नियंत्रक संजय कुमार सिंह खुद पूरी मॉनिटरिंग कर रहे थे। वहीं ओएसडी, वीसी के पीएस नवीन चंचल और वीरेंद्र कुमार वर्मा को भी जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जो पूरे दिन सक्रिय रहे। रांची|राज्य के सरकारी विद्यालयों के प्राथमिक शिक्षकों को अब हिंदी टिप्पण परीक्षा देने और उत्तीर्ण करने की आवश्यकता नहीं होगी। कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग की ओर से सोमवार को जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि शिक्षक अपने नियमित कर्तव्यों के निर्वहन में टिप्पणी लेखन के लिए बाध्य नहीं होते, इसलिए उन्हें इस परीक्षा से मुक्त रखा जाएगा। इस पत्र के जारी होने के साथ ही रांची जिले के उन शिक्षकों की परेशानी खत्म हो गई है जिनकी वेतन वृद्धि पिछले तीन महीनों से रोक दी गई थी। अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनूप कुमार केसरी, महासचिव राम मूर्ति ठाकुर, प्रवक्ता नसीम अहमद, प्रदेश कोषाध्यक्ष संतोष कुमार, प्रेस प्रतिनिधि राकेश कुमार, दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडलीय अध्यक्ष अजय कुमार सिंह, जिला अध्यक्ष सलीम सहाय तिग्गा सहित अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि यह निर्णय शिक्षकों के पक्ष को सही ठहराता है । संघ के मुख्य प्रवक्ता नसीम अहमद ने कहा कि तीन माह से लगभग 3000 शिक्षकों को वेतन वृद्धि रोक के कारण परेशानी हो रही थी।


