भास्कर न्यूज | जालंधर भगवान वाल्मीकि जी के प्रकाश पर्व पर निकाली गई शोभायात्रा में पंजाब सरकार के वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा, खाद्य, सिविल सप्लाई और उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक, कृषि और किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां, बागवानी, स्वतंत्रता सेनानी और रक्षा सेवाएं कल्याण मंत्री मोहिंदर भगत और खनन, भू-विज्ञान, भूमि और जल संरक्षण, और जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने भी शिरकत की। इस मौके पर मंत्रियों ने लोगों से आपसी भाईचारे को मजबूत करने और सर्व सांझ का संदेश देने वाली भगवान वाल्मीकि जी की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। चीमा ने कहा कि भगवान वाल्मीकि जी महाराज की शिक्षाएं समाज में समानता और नैतिकता पर जोर देती हैं, जो आज भी प्रासंगिक हैं। हमें उनकी शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर आदर्श समाज की रचना के प्रयास करने चाहिए। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब के विचारों पर चलते हुए सभी को अधिक से अधिक शिक्षा प्राप्त कर प्रदेश की प्रगति और खुशहाली में योगदान देना चाहिए। वहीं, कटारूचक ने कहा कि भगवान वाल्मीकि जी महाराज की महान रचना रामायण मानवीय मूल्यों की एक साकार रचना है। यह महान महाकाव्य सदियों से लोगों को जीवन जीने की कला सिखा रहा है और आने वाली पीढ़ियों तक सत्य का मार्ग दिखाता रहेगा। खुड्डियां ने शोभा यात्रा में शामिल होकर श्रद्धालुओं को भगवान वाल्मीकि जी महाराज के प्रकटोत्सव की बधाई दी। उन्होंने कहा कि भगवान वाल्मीकि जी की शिक्षाओं में समानता का उपदेश दिया गया है। उधर गोयल ने भगवान वाल्मीकि की शिक्षाओं को प्रकाशस्तंभ की तरह बताया, जो सदियों से समाज को दिशा दे रही हैं। उन्होंने कहा कि हमें भगवान वाल्मीकि जी द्वारा दिए गए सिद्धांतों पर अमल करते हुए आपसी भाईचारे को मजबूत करना चाहिए। भगत ने कहा कि भगवान वाल्मीकि जी का संदेश आज के युग में भी प्रासंगिक है, जिस पर अमल करके समाज में समानता लाई जा सकती है। इस मौके पर सभी कैबिनेट मंत्रियों ने वाल्मीकि सभा को आर्थिक सहायता भेंट करने की घोषणा की। कैबिनेट मंत्रियों ने कहा कि भगवान वाल्मीकि जी की शिक्षाएं सदैव हम सबको प्रेरित करती रहेंगी। उनकी शिक्षाएं आने वाली पीढ़ियों के लिए भी हमेशा प्रेरणादायी रहेंगी।


