कोटा के युवकों की बनाई गई टीम नायक (नवभारत एसोसिएशन ऑफ यंग एंड अकाउंटेबल कार्यकर्ता) ने निगम में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए सड़को पर उतरने का ऐलान किया है। युवाओं का कहना है कि भ्रष्टाचार, लोकतंत्र की हत्या, संविधान का उलंघन, जनता की आवाज को दबाना सहित कई विषयों को लेकर अब सड़कों पर आर-पार की लडाई लडी जाएगी, लेकिन उससे पहले सात दिन का समय जिला प्रशासन, निगम प्रशासन, जनप्रतिनिधियों को दिया गया है ताकि जो मांगे हैं उन्हें माना जाए और जनता के साथ न्याय किया जाए। प्रतिनिधि शंशाक ने आरोप लगाते हुए कहा कि कोटा नगर निगम में 100 करोड का भ्रष्टाचार हुआ है, उन्होंने आरोप लगाया कि एक चहेती फर्म को सफाई को लेकर जो टेंडर दिया गया है, वह फर्म ही टेंडर निकालने के बाद बनाई गई थी। लेकिन इसके बाद भी इस फर्म को टेंडर दे दिया गया। गायत्री विहार रायपुर कोटा की इस फर्म पर नायक संगठन के युवाओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जिस डेट को कम्पनी बनी उसी डेट को कॉरिजेंडम हुआ। वहीं कोटा निगम दक्षिण में महापौर और नेता प्रतिपक्ष एक ही पार्टी का होने के लेकर भी युवाओं ने सवाल उठाए। युवाओं ने सरकार, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को चेतावनी दी की जो सही है वह किया जाए नहीं तो युवा जेल भरेंगे, संविनय अवज्ञा आंदोलन होगा, अक्टूबर क्रांति का सूत्रपात होगा। ट्रिपल इंजन सरकार, अबकी बार, तीन गुना भ्रष्टाचार
युवाओं ने आरोप लगाया कि कोटा शहर की सड़के टूटी पडी हैं, जिससे आमजन की रीढ की हड्डी टूट गई और सुध लेने वाला कोई नहीं है, उन्होंने कहा कि जो पेचवर्क हो रहा है वह दो माह भी नहीं चलेगा। उन्होंने कोटा दक्षिण निगम बोर्ड को भंग करने की मांग की जहां एक ही पार्टी के नेता प्रतिपक्ष व महापौर हैं। यह देश ही नहीं दुनिया का पहला मामला है, लेकिन सरकार और अधिकारियों ने आंखे बंद रखी है। उन्होंने कहा कि यह शहर हमारा है, यहां के जनप्रतिनिधि भी हमारे हैं, अधिकारी और प्रशासन भी हमारा है, लेकिन अब और नहीं देखा जाता, भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा हो गई, सुनने, देखने और बोलने वाला कोई नहीं है। इस अवसर पर मुख्य रूप से नायक अविरल, नायक संदीप, नायक उत्कर्ष, नायक नमन और नायक देवांश शामिल थे। ये हैं पांच मांगे
लोकतंत्र की हत्या के लिए जनता के लिए सरकारी माफीनामा जारी करें। पिछले 500 दिनों में दिए गए सभी कार्यों की न्यायिक जांच हो। नगर निगम बोर्ड को भंग किया जाए और लोकतंत्र की हत्या के दौरान नियुक्त सभी निर्वाचन अधिकारियों को शॉ कॉज नोटिस जारी किया जाए। 100 करोड के विवादित टेंडर का निस्तारण हो। टेंडर में शामिल सभी अधिकारियों को 17सीसी के नोटिस के साथ निलंबित करें।


