श्योपुर जिले में रजिस्ट्री नामांतरण का कार्य पिछले 10-12 महीनों से बंद होने के विरोध में मंगलवार को आम नागरिकों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। नागरिकों ने राजस्व अधिकारियों पर मनमानी का आरोप लगाते हुए वैध बयानों और रजिस्ट्रियों को निरस्त करने की शिकायत की। ज्ञापन में बताया गया कि राजस्व अधिकारी अवैध कॉलोनी या टीएनसीपी का हवाला देकर नामांतरण रोक रहे हैं, जिसे आम नागरिकों के साथ अन्याय बताया गया। नागरिकों का कहना है कि वे अपनी मेहनत की कमाई से भूखंड और मकान खरीदते हैं, लेकिन नामांतरण न होने से उन्हें परेशानी हो रही है। कई मामलों में पहले से स्वीकृत नामांतरण भी अभिलेखों में दर्ज नहीं किए जा रहे हैं। इसके अलावा, अज्ञानवश पड़ी पुरानी रजिस्ट्रियों को भी राजस्व अधिकारी अवैधानिक रूप से निरस्त कर रहे हैं, जिससे जनता को आर्थिक नुकसान हो रहा है। नागरिकों ने मांग की है कि जिले में बंद सभी प्रकार के नामांतरणों को तत्काल शुरू किया जाए। उन्होंने राजस्व कर्मचारियों को वैध दस्तावेजों के आधार पर आम जनता के नामांतरण दर्ज करने के निर्देश देने की भी अपील की। आम नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का समाधान जल्द नहीं किया गया, तो जिले में एक बड़ा जन आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।


