सिटी रिपोर्टर|रांची झारखंड हाईकोर्ट के असिस्टेंट रजिस्ट्रार कुमार राजेश ने राज्य के डालसा सचिवों को पत्र जारी कर नियमित रूप से जेल का निरीक्षण करने का निर्देश दिया है। साथ ही, निरीक्षण की अद्यतन रिपोर्ट समर्पित करने को कहा है। 21 नवंबर को भेजे पत्र में असिस्टेंट रजिस्ट्रार ने 18 नवंबर 2025 को झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और राजेश शंकर के संयुक्त खंडपीठ द्वारा दिए गए निर्देश की प्रति भेजी है। खंडपीठ ने अपने आदेश में डालसा सचिव को नियमित तौर पर बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार का औचक निरीक्षण का निर्देश दिया है। अपने आदेश में खंडपीठ ने जेल कैंटीन के माध्यम से तंबाकू की आपूर्ति को सख्ती से नियंत्रित करने का निर्देश दिया है। कहा है कि जेल में तंबाकू की उपलब्धता आंतरिक नियंत्रण में चूक का संकेत देती है। ब्लूटूथ ईयरफोन, यूएसबी केबल और मोबाइल चार्जर वायर की बरामदगी इस बात की ओर इशारा करती है कि जेल परिसर में मोबाइल फोन का उपयोग संभव है, जो संबंधित अधिकारियों की संलिप्तता का संदेह पैदा करता है। यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि पूरे राज्य की जेलों में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था हो और व्यापक सीसीटीवी निगरानी की जा सके। अदालत ने कहा है कि जेल में सिगरेट, पान मसाला, तंबाकू उत्पाद, मोबाइल फोन, ब्लूटूथ ईयरफोन, यूएसबी केबल, मोबाइल चार्जर वायर, मोबाइल चार्जर या एसेसरीज की सप्लाई बिल्कुल न हो। कोर्ट ने कहा है कि जेल में स्टाफ की तैनाती रोटेशन के आधार पर की जाए ताकि अवैध लेनदेन को रोका जा सके। साथ ही, कोर्ट ने यह भी कहा है कि अगर किसी कैदी की मृत्यु जेल में होती है तो उसे अंदर में नहीं दफनाया जाए।


