राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की प्रतियोगी परीक्षाओं में अब दो स्तरों पर जांच होगी। पहली तो केंद्र पर प्रवेश करते समय ही अभ्यर्थियों की जांच कर ली जाएगी। इसके बाद परीक्षा के दौरान भी अभ्यर्थी को बिना डिस्टर्ब किए जांच होगी। सर्दी के मौसम में बोर्ड ने ड्रेस कोड में कुछ बदलाव किया है। दूसरे स्तर की जांच इस बात का पता करने के लिए होगी कि कहीं अभ्यर्थी ने अपने गर्म कपड़ों में कोई ब्लूटूथ डिवाइस तो नहीं छिपा रखा है। जांच में अगर किसी तरह का डिवाइस पाया गया तो अभ्यर्थी के खिलाफ नए नकल विरोधी कानून के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। कूकस में 29 दिसंबर को रेलवे भर्ती बोर्ड की परीक्षा के दौरान दो अभ्यर्थियों को ब्लूटूथ डिवाइस से नकल करते पकड़ा गया था। इस परीक्षा में एंट्री गेट पर दो स्तरों पर जांच के बाद प्रवेश दिया गया था। इसके बावजूद दोनों अभ्यर्थी डिवाइस ले जाने में सफल रहे थे। इस तरह की स्थिति बोर्ड की परीक्षा में भी सामने आ सकती है, इसलिए इसकी रोकथाम के लिए बोर्ड ने परीक्षा में भी जांच का निर्णय लिया है। बोर्ड अध्यक्ष आलोक राज का कहना है कि ब्लूटूथ डिवाइस यूज करने वाले सावधान हो जाएं। अब एंट्री गेट पर हुई जांच के बाद भी बोर्ड की परीक्षा के दौरान अभ्यर्थी को बिना डिस्टर्ब किए दोबारा जांच की जाएगी। इसमें किसी कमरे में रेंडमली किसी भी अभ्यर्थी के पास मेटल डिटेक्टर ले जाया जाएगा, ताकि पता चल सके कि उसके पास कोई डिवाइस तो नहीं है। अगर किसी अभ्यर्थी के पास ब्लूटूथ डिवाइस पाया गया तो नए कानून के मुताबिक कार्रवाई होगी। इसमें उसे 10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है।


