जरूरतमंद महिलाओं और बच्चों को शिक्षा दिलाने के अलावा कम कीमत पर आवास, गाड़ी और लैपटॉप के अलावा अन्य सामान दिलाने के नाम पर 87 लाख रुपए की ठगी के आरोप में एक शिक्षिका ने रविवार को चुटिया थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। रामगढ़ के मांडू स्थित मारसाल मंदिर विद्यालय की शिक्षिका सिस्टर निशा तिर्की ने दर्ज कराई गई प्राथमिकी में एक निजी कंपनी के निदेशक सैनविल श्रीवास्तव के अलावा मैनविल श्रीवास्तव, अभिजीत कुमार कर्ण और प्रीति सक्सेना पर ठगी का आरोप लगाया है। शिक्षिका ने कहा है कि डिप्टी पाड़ा स्थित अनिरुद्ध कांप्लेक्स में चौथे तल्ले पर एक निजी कंपनी चलाने की बात कह कर इन लोगों ने फर्जी कागज दिखाकर कुल 87 लाख रुपए की ठगी की है। इन लोगों ने विश्वास दिलाया था कि कंपनी चलाते हैं और चैरिटी प्राप्त कर गरीब महिलाओं-बच्चों को अच्छी शिक्षा देते हैं। उन्हें आवास और गाड़ी मुहैया कराते हैं। इसी झांसे में आकर हमारी संस्था द्वारा 11.65 लाख रुपए इनके अकाउंट में ट्रांसफर किए गए। इसके अलावा अन्य लोगों से भी पैसे की ठगी की गई है। इस तरह लगभग 87 लाख रुपए की ठगी की है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।


