बस कंडक्टर को लूटने वाले 4 लुटेरों पर 12 केस पहले से थे, 2 तो 3 माह पहले जमानत पर आए थे

20 नवंबर की रात सुल्तानविंड रोड पर कपड़े की दुकान पर फायरिंग कर 2.80 लाख रुपए की लूट करने वाले में से एक आरोपी को पुलिस ने ग्लॉक पिस्तौल व बुलेट प्रूफ जैकेट के साथ काबू किया। उसके पास से एक बाइक बरामद हुई। उस बाइक के नंबर प्लेट गायब थी। हालांकि पुलिस अभी बाइक की जांच कर रही है। पकड़े गए आरोपी बुल्ली के खिलाफ 8 केस पहले से दर्ज हैं। मार्च में जेल से जमानत पर बाहर आया था। फिर वारदातों को अंजाम देना शुरू किया। पुलिस कमिश्नर ने कई बार बताया है कि बेरोजगारी और नशे की लत के चलते अब पढ़े-लिखे युवा भी लूट और स्नैचिंग की वारदातें कर रहे हैं। पकड़े गए कई आरोपी 10वीं से पोस्ट ग्रेजुएट तक पढ़े-लिखे हैं। अगर इनकी उम्र की बात करें तो यह 19 से 31 साल के बीच है जो खुद मानते हैं कि बेरोजगारी और नशे की लत ने उनको अपराध के दलदल में उतरने को मजबूर कर रहे हैं। गोर हो कि इनमें 63 (141) फीसदी नशे के आदी हैं। वहीं पकड़े गए 223 आरोपियों में से सिर्फ 54 शहरी इलाके के है जबकि 169 आरोपी ग्रामीण इलाकों के हैं। जिले में कुल लूट-स्नैचिंग 191 मामलों में से 123 में चोरी की बाइक का इस्तेमाल हुआ था। आरोपी पहले सिटी या देहाती से बाइक चोरी करते, फिर बाइक पर लगे हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट को तोड़ते या उसपर मिट्टी पोतकर लूट-स्नैचिंग की वारदातों को अंजाम देते। कुछ मामलों में तो लुटेरों ने बाइकों पर काले टेप भी लगाए हुए थे। वहीं कार से लूट की वारदात करने वाले के हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट गायब मिले थे। 23 जुलाई को मकबूलपुरा में स्कूटी सवार युवती से बाइक सवार 2 स्नैचर पर्स छीनकर फरार हो गए। स्कूटी सवार सुखजीत कौर गिरकर घायल हुई थी। उस वक्त के एसीपी ईस्ट डा. शीतल सिंह ने 24 घंटे में दोनों स्नैचरों को काबू किया और 1.20 लाख रुपए बरामद किए। आरोपियों सिमरनजीत सिंह और पलविंदर सिंह के खिलाफ पहले लूट-स्नैचिंग के 5 केस दर्ज थे और जनवरी/फरवरी में जमानत पर बाहर आए थे। उन्होंने रणजीत एवेन्यू से बाइक चोरी की और स्नैचिंग की वारदात करने लगे। ^यूथ पैसों के लालच में अपराध की दुनिया अपना रहे हैं जिससे उनका भविष्य खराब हो रहा है। अपराधियों के खिलाफ पुलिस सख्त एक्शन ले रही है। लूट-स्नैचिंग और अन्य आपराधिक वारदातों को अंजाम देने को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। -आलम विजय सिंह, डीसीपी लॉ एंड आर्डर। संजय तिवारी | अमृतसर जिले में आए दिन लूट-स्नैचिंग की घटनाएं हो रही है। हालांकि पुलिस आरोपियों को काबू कर रही है मगर जमानत पर आने के बाद आरोपी फिर से वारदातें कर रहे हैं। एक जनवरी 2025 से 23 नवंबर तक पुलिस की कार्रवाई देखें तो लूट-स्नैचिंग के 191 मामले सामने आए, जिसमें से 64 प्रतिशत ( 166 मामले) सुलझाते हुए 223 लुटेरों को काबू किया है। पकड़े गए आरोपियों में 54 प्रतिशत (120) ऐसे हैं जिन्होंने जमानत पर आने के बाद फिर लूट-स्नैचिंग की। वहीं 63 प्रतिशत अपराधी नशे के आदी हैं। पकड़े गए आरोपियों में 46 प्रतिशत (103) 18 से 22 साल के हैं, जिनके खिलाफ पहले से कोई केस दर्ज नहीं है। 6 युवक नाबालिग भी है। लूट-स्नैचिंग करने वालों में 76 प्रतिशत ग्रामीण इलाकों के हैं। पुलिस के मुताबिक, उनके पकड़े जाने और जेल जाने से कोई फर्क नहीं पड़ रहा। उनके अंदर से डर खत्म हो गया है। यह डाटा सिटी के 18 और 17 देहाती के थानों से लिया गया है। सिटी में 126 केस तो 65 देहाती के सामने आए हैं। 9 मार्च को थाना ए-डिवीजन की पुलिस ने उत्तराखंड बस के कंडक्टर से गन प्वाइंट पर 33 हजार रुपए की लूट करने वाले 4 लुटेरों में से एक को काबू किया था। आरोपी ने साथियों के साथ चोरी की कार में वारदात को अंजाम दिया था। सभी आरोपी नशे के आदी थे। घटना घी- मंडी सिविल अस्पताल के पास कंडक्टर पवन कुमार से हुई थी। हालांकि पुलिस ने इस मामले में आरोपियों को काबू किया। सभी के खिलाफ पहले से 12 पर्चे दर्ज थे। 2 आरोपी 3 महीने पहले ही जमानत पर बाहर आए थे। 19 जनवरी को अजनाला सिटी में डेरा बाबा नानक रोड पर स्थित एक ज्वेलर शॉप में दिनदहाड़े गन प्वाइंट पर 6 किलो चांदी, 12 तोला सोना और 50 हजार रुपए कैश की लूट हुई थी। 2 लुटेरे कार में आए थे। कार में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगे थे। हालांकि पुलिस ने आरोपियों को काबू किया तो खुलासा हुआ कि कार चोरी की थी। इसके अलावा आरोपी बीकेआई आतंकवादियों के टच में थे। जांच में पता चला कि दोनों के खिलाफ खिलाफ पहले से आपराधिक मामलों के कई केस दर्ज थे।

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