भास्कर न्यूज | जामताड़ा जिले में बच्चों और मातृ-स्वास्थ्य को मजबूत करने के उद्देश्य से संचालित मिशन सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 के तहत जामताड़ा प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्राप्त विशेष आवंटन के आधार पर जिले के 193 सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण वाटिकाओं का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन की समाज कल्याण शाखा ने औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। निदेशक, समाज कल्याण, महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग, झारखंड रांची द्वारा भेजे गए पत्र के अनुसार, इस वर्ष आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण, रख-रखाव, उन्नयन और पोषण गतिविधियों को मजबूती देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में जामताड़ा जिले के हर प्रखंड में उन आंगनबाड़ी केंद्रों का चयन किया गया है, जहां पोषण वाटिका स्थापित की जानी है। जिले में पोषण वाटिका निर्माण की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण सुरक्षा को मजबूत करने और आंगनबाड़ी केंद्रों को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। स्थानीय लोगों ने भी उम्मीद जताई है कि इस पहल से कुपोषण के खिलाफ लड़ाई को नई गति मिलेगी और आंगनबाड़ी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा। आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों, गर्भवती/धात्री महिलाओं को हरी सब्जियां और अन्य पोषक तत्वों से युक्त स्थानीय खाद्य पदार्थ मिलेगा इन पोषण वाटिकाओं के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों और गर्भवती/धात्री महिलाओं को हरी सब्जियां, फल-सब्जियों की पत्तियां और अन्य पोषक तत्वों से युक्त स्थानीय खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराए जा सकेंगे। इससे पोषण स्तर में सुधार के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्र अधिक आत्मनिर्भर भी बनेंगे। जिला प्रशासन का कहना है कि पोषण वाटिका न सिर्फ लाभुकों को ताजी और पौष्टिक सामग्री उपलब्ध कराएंगी, बल्कि आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण शिक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा। बच्चों को बीज बोने, पौधे लगाने और देखभाल करने से जुड़ी गतिविधियों से जोड़कर बाल विकास कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाया जाएगा। समाज कल्याण शाखा के अधिकारियों के मुताबिक, इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। सभी प्रखंड संयोजकों और संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ तय समय पर पूरा हो। जिला स्तर पर प्राप्त जानकारी के अनुसार आंगनबाड़ी केंद्रों कुल संख्या 193 है। जामताड़ा प्रखंड में 51,फतेहपुर में 29,नाला में 34,नारायणपुर में 30, कुंडहित में 24,करमाटांड़ में 25 केंद्र हैं।


