गाजियाबाद के जिला विद्यालय निरीक्षक धर्मेंद्र शर्मा पर सूचना आयोग ने 25000 रुपए का अर्थदंड लगाया है। यह अर्थदंड सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत समय से सूचना न देने और कारण बताओ नोटिस का जवाब न देने के कारण लगाया। मामला 23 जुलाई 2022 का है जब एक अपीलकर्ता ने जैन मति उजागरमल जैन इंटर कॉलेज से संबंधित सूचनाएं मांगी थीं। बार-बार नोटिस और चेतावनी के बावजूद जनसूचना अधिकारी ने सूचना उपलब्ध नहीं कराई। राज्य सूचना आयुक्त वीरेंद्र प्रताप सिंह ने इस प्रकरण में सुनवाई करते हुए पाया कि डीआईओएस ने न केवल अधिनियम की धारा 7(1) का उल्लंघन किया, बल्कि नोटिस का जवाब भी नहीं दिया। आयोग ने उनके वेतन से चार मासिक किस्तों में जुर्माने की वसूली का आदेश दिया है। साथ ही निरीक्षक को 15 दिनों के भीतर अपीलकर्ता को मांगी गई सूचना उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। अगर ऐसा नहीं किया गया, तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी। अगली सुनवाई 8 जनवरी 2025 को होगी।


