खेतेश्वर यूथ स्पोर्ट्स कमेटी, चेन्नई की ओर से आयोजित अखिल भारतीय राजपुरोहित टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट में देशभर के युवा खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। चेन्नई में आयोजित इस टूर्नामेंट में देश के अलग-अलग राज्यों से 42 टीमों ने हिस्सा लिया, जिसमें राजपुरोहित समाज के होनहार खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करने का मंच मिला। इस टूर्नामेंट में राजस्थान के जोधपुर निवासी काव्यांश राजपुरोहित ने अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी से सभी का ध्यान खींचा। राजपुरोहित रॉयल्स बेंगलुरु की ओर से खेलते हुए काव्यांश ने लगातार दमदार पारियां खेलकर टीम को क्वार्टर फाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। टूर्नामेंट के पहले मुकाबले में उन्होंने महज 28 गेंदों पर 40 रन की तेजतर्रार पारी खेली, जबकि अगले मैच में 35 गेंदों पर 64 रन बनाए। टूर्नामेंट में 5 पार्टी में 182 रन बनाकर काव्यांश टॉप-5 स्कोरर्स में अपनी जगह बनाने में कामयाब हुए। काव्यांश के अलावा टीम के गेंदबाज कुलदीप ने भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 6 मैचों में 11 विकेट लेकर विरोधी टीमों के बल्लेबाजों को खूब परेशान किया। वहीं, टीम के कप्तान दीपक सिंह ने भी प्रभावी गेंदबाजी करते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। इनके साथ ही श्रवण सिंह ने क्वार्टर फाइनल में 67 रनों की शानदार पारी खेली। जबकि शुभकरण राजपुरोहित ने एक मैच में 45 रनों की शानदार पारी खेलने के साथ ही दो विकेट लेकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा। हालांकि, राजपुरोहित रॉयल्स बेंगलुरु को क्वार्टर फाइनल में हार का सामना करना पड़ा, जिससे टीम का सफर वहीं समाप्त हो गया। राजस्थान के भीनमाल निवासी उदेश पुरोहित ने टूर्नामेंट को समाज के लिए एक सराहनीय पहल बताते हुए कहा कि राजपुरोहित समाज द्वारा टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने का बेहतरीन मंच है। उन्होंने कहा कि टीम का टॉप-8 में पहुंचना किसी जीत से कम नहीं है। साथ ही विश्वास जताया कि अगले साल और अधिक मेहनत के साथ टीम ट्रॉफी जीतने का लक्ष्य हासिल करेगी। राजपुरोहित रॉयल्स बेंगलुरु की टीम संतुलित और मजबूत नजर आई। टीम की कमान कप्तान दीपक राजपुरोहित के हाथों में रही, जबकि शुभकरण राजपुरोहित ने उपकप्तान के रूप में अहम भूमिका निभाई। टीम में वसंत राजपुरोहित, काव्यांश राजपुरोहित, यशपाल राजपुरोहित, संजय राज, कुलदीप राज, विक्रम सिंह राज, संपत राज, ललित राज, घेवर राज, मदन राज, मोनिश राज, मदन सिंह, जीतू सिंह राजपुरोहित और शरवन सिंह राजपुरोहित जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी शामिल रहे। सभी खिलाड़ियों ने सामूहिक प्रयास और दमदार प्रदर्शन से टीम को टूर्नामेंट के टॉप-8 तक पहुंचाया। टीमवर्क, अनुशासन और जुझारू खेल भावना के दम पर राजपुरोहित रॉयल्स बेंगलुरु ने पूरे टूर्नामेंट में अपनी अलग पहचान बनाई।


