पंजाब के अमृतसर में छेहर्टा इलाके में 26 सितंबर को हुई धर्मजीत सिंह उर्फ धर्मा की हत्या के तीन आरोपियों को पुलिस ने पकड़ने में सफलता हासिल की है। धर्मा वही आरोपी है, जिसे 2012 में ASI रविंदरपाल की हत्या में दोषी करार दिया गया था। धर्मा पर इस कत्ल के अलावा 4 और मामले NDPS व आर्म्स एक्ट के दर्ज थे। पुलिस ने एक हफ्ते के भीतर तीन आरोपियों नवराज सिंह उर्फ नूर, दलविंदर सिंह उर्फ बिल्ली और शुभदीप सिंह उर्फ शुभ को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि शूटरों और विदेशी हैंडलर की पहचान भी कर ली गई है। तीन शूटर, जिन्होंने फायरिंग कर धर्मा का कत्ल किया था, अभी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। टेक्नीकल तरीके से पुलिस ने जांच की
लगातार की गई तकनीकी और फील्ड जांच के बाद बीते दो दिनों में तीन आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा। पूछताछ में सामने आए 4 फेक्ट्स, जिस पर जांच जारी— पकड़े गए आरोपियों का नहीं मिला आपराधिक रिकॉर्ड पुलिस ने जिन तीन आरोपियों को अरेस्ट किया है, उनका कोई भी आपराधित रिकार्ड नहीं मिला। नवराज सिंह उर्फ नूर अमृतसर के छेहर्टा के सुभाष रोड का रहने वाला है। जबकि दलविंदर सिंह उर्फ बिल्ली और शुभदीप सिंह उर्फ शुभ भी इसी मोहल्ले का निवासी है। पुलिस को तीनों की पूछताछ से ही अहम जानकारियां मिली। अन्य आरोपियों की जांच जारी
डीसीपी डिटेक्टिव रविंदरपाल सिंह, एडीसीपी-2 हरपाल सिंह, एसीपी वेस्ट शिवदर्शन सिंह, और SHO थाना चहेहर्ता इंस्पेक्टर विनोद शर्मा के नेतृत्व में टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस ने कहा कि हत्याकांड में शामिल फरार आरोपियों की तलाश जारी है और विदेश में बैठे साजिशकर्ताओं की भूमिका की जांच के लिए तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। जानें क्या हुआ था घटना के दिन पुलिस ने इस मामले में थाना छेहर्टा में एफआईआर नंबर 193 तारीख 26 सितंबर, 2025 दर्ज की थी। शिकायत के अनुसार, धर्मा रात अपने घर के बाहर कार पार्क कर रहा था। तभी तीन अज्ञात हमलावर आए और धर्मा पर गोलियां बरसा दी। घायल धर्मा को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।


