ATS ने ऑपरेशन मदराघव के तहत पकड़ा तस्कर:हार्डकोर अपराधी श्रीराम उर्फ संजय बिश्नोई पर था 25 हजार का ईनाम, 15 साल में 23 आपराधिक मामले हुए दर्ज

राजस्थान एटीएस की टीम ने आज अवैध मादक पदार्थ तस्कर कुख्यात हिस्ट्रीशीटर एवं हार्डकोर ईनामी को आज गिरफ्तार किया। एटीएस ने ऑपरेशन “मदराघव” चलाकर बदमाश श्रीराम उर्फ संजय बिश्नोई को आज गिरफ्तार किया। आरोपी पर 25हजार रुपए का इनाम बाड़मेर एसपी द्वारा रखा गया था। एटीएस के आईजी विकास कुमार ने बताया कि ईनामी अपराधियों के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान में पैरोल से फरार अवैध मादक पदार्थ तस्करी के आरोपी हिस्ट्रीशीटर एवं हार्डकोर ईनामी श्रीराम उर्फ संजय बिश्नोई को दबोचने में सफलता पाई है। गिरफ्तार संजय (38) पुत्र वरिंगाराम बिश्नोई निवासी गांव नई बाण्ड थाना गुड़ामालानी जिला बाड़मेर का रहने वाला है। अपराधी के खिलाफ करीब 15 साल में 23 मामले चल रहे हैं। आरोपी बहुत बड़े परिवार से संबंधित होने के कारण खर्चा नहीं मिलने के कारण बर्तन बेचने का व्यवसाय शुरू किया।आरोपी को बर्तन बेचने के व्यवसाय में ज्यादा मुनाफा नहीं होने के कारण आरोपी कम समय में अधिक पैसे कमाने के लालच में वर्ष 2010 से अवैध मादक पदार्थ के तस्करों के सम्पर्क में आकर सप्लाई करने लगा। आरोपी ने मादक पदार्थ तस्कर भागीरथ ज्याणी, खरताराम जाट के गिरोह के साथ मिलकर डोडा चूरा तस्करी शुरू कर दी। वर्ष 2018 में मादक पदार्थ तस्कर खरताराम जाट के एनकाउण्टर के बाद ईनामी अपराधी उस इलाके का सरगना बना हुआ था। आरोपी श्रीराम उर्फ संजय वर्ष 2012 में गिरफ्तार हो करीब 3 साल जेल में रहा, जमानत पर रिहा होने के बाद वापस यही धंधा करने लग गया। इसके बाद वर्ष 2020 में पुनः मादक पदार्थ तस्करी में पकडे जाने पर 5 साल जेल में रहा। आरोपी अप्रैल 2025 में न्यायालय से पैरोल प्राप्त कर फरार हो गया। जिस के बाद से आरोपी फरार चल रहा था। इस प्रकार से एटीएस ने पकड़ा मादक पदार्थ तस्कर आईजी विकास कुमार ने बताया कि आरोपी पैरोल से फरार होकर पुलिस से बचने के लिए जोधपुर, बाड़मेर क्षेत्र में छिपता फिर रहा था। पुलिस को चकमा देने के लिए मोबाइल फोन को बहुत ही कम उपयोग में ले रहा था। आरोपी की धर पकड के लिए लंबे समय से उस पर नजर रखी जा रही थी। आरोपी के परिवार का सदस्य राजनीति में होने के कारण रसूख का फायदा भी उठाता था। लगभग 2 महीनों से एटीएस की टीम मारवाड़ के इलाकों में घूम-घूम कर अपराधी के छिपने के स्थान की पहचान करने में जुटी थी। ईनामी अपराधी के धोरों में बने झोंपड़े में छिपने का पता चलने पर एटीएस टीम ने रणनीति तैयार की। एटीएस की टीम ने बड़ी सावधानी और गोपनीयता बरतते हुए घेरा डालकर धोरों से ईनामी अपराधी को धर दबोचा।

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