बाड़मेर समेत राजस्थान में एसआईआर का काम अंतिम पड़ाव में है। कांग्रेस लगातार उपखंड से लेकर जिला स्तर तक विरोध दर्ज करवा रही है। बायतु विधायक हरीश चौधरी मीडिया बातचीत में भारतीय जनता पार्टी पर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमजोर करने के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक भारतीय नागरिक को संविधान में मत देने का अधिकार है। और इसे किसी भी सूरत में छीना नहीं जा सकता। चौधरी ने पुख्ता तथ्यों का हवाला देते हुए बताया कि भाजपा के बीएलए-2 से संबंधित कई फॉर्म संदिग्ध पाए गए हैं। स्वयं बीएलए-2 द्वारा यह कहा जा रहा है कि उनके नाम से प्रस्तुत किए गए फॉर्म फर्जी हैं तथा उन पर उनके हस्ताक्षर नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों के अनुसार एक बीएलए-2 एक दिन में अधिकतम 10 नामों के लिए ही फॉर्म-7 प्रस्तुत कर सकता है, जबकि यहां सैकड़ों की संख्या में फॉर्म दिए गए हैं, जो स्पष्ट रूप से अवैधानिक है। ऐसे मामलों में प्रशासन को अपने स्तर पर संज्ञान लेकर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। लेकिन अभी तक जिला प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। रविवार को चौहटन विधानसभा के सेड़वा उपखंड के मतदाता जिला मुख्यालय पर पहुंचे। बीजेपी के बूथ (247) एजेंट रूगाराम ने बताया कि 15 सालों से एजेंट है। आरोप लगाया कि पहली बार हमारी ग्राम पंचायत मेरे फर्जी हस्ताक्षर करवाकर 190 नामों वोट हटाने के लिए आपत्ति की गई है। इसमें दो मेरे परिवार के है। ज्यादातर मुसलमानों के है। रूगाराम ने कहा कि मेरे फर्जी हस्ताक्षर से 190 मतदाताओं के फॉर्म संख्या 7 भरकर रिटर्निंग ऑफिसर को दिए गए। जब मैंने यह जानकारी लेने के बीएलए फर्स्ट से जानकारी लेनी चाहिए तो उसका फोन लगा नहीं। गांव के लोग इकट्ठे हुए। तब मैंने उनको कहा कि मेरे हस्ताक्षर नहीं है। यह फर्जीवाड़ा है। मेरे फर्जी हस्ताक्षर किए गए है। गांव वालों से मिलकर मुकदमा दर्ज करवाऊंगा। हरीश चौधरी ने कहा- केंद्रीयकृत तरीके से यह कार्य किया जा रहा है। एक जगह बैठकर फॉर्म भरे जा रहे है। सरकारी कर्मचारी जो उसी गांव में नौकरी कर रहा है। जिसका नाम हटाने के लिए एप्लिकेशन दी गई है। हद तक हो गई पति के फर्जी हस्ताक्षर कर उसके पत्नी का नाम काटने प्रपत्र पेश किया गया। चौधरी ने आरोप लगाया कि अनपढ़ के हस्ताक्षर करवाकर भी प्रार्थना पेश किया जा रहा है। बल्क वोट हटाने की कोशिश हरीश चौधरी ने आरोप लगाया कि जिले भर में इस प्रकार से बल्क वोट हटाने की कोशिश की जा रही है। उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि बिशाला गांव में जैन समाज के 89 मतदाताओं के नाम हटाने की सूची दी गई है, वहीं जानपालिया गांव में 292 तथा हरपालिया गांव में 504 मतदाताओं के नाम काटने व इसी तरह अरटी 190, जलीला 264, बिसासर 580, झडपा 160 व भंवार 116 मतदाताओं के नाम हटाने का भी प्रयास किया जा रहा है। चौधरी ने यह भी कहा कि अल्पसंख्यक, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के मतदाताओं को विशेष रूप से निशाना बनाया जा रहा है।


