BJP विधायक ने जर्जर स्कूल बिल्डिंग का मामला उठाया:बोले, नए बनाने की समय सीमा तय हो, कांग्रेस MLA ने कहा डेम किनारे पर आ रहे मकानों के बचाव सुरक्षा की व्यवस्था हो

कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा ने विधानसभा में तारांकित प्रश्न से प्रदेश के जर्जर स्कूलों का मामला उठाया। उन्होंने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को कहा कि जर्जर स्कूली भवन,बच्चों के लिए बड़ा जोखिम बने हुए हैं। प्रदेश के जिन स्कूल भवनों को जर्जर घोषित किया जा चुका है। उन्हें तत्काल जमींदोज कर दिया जाए। जो भवन जर्जर घोषित किए जाने शेष हैं। उन्हें भी तत्काल प्रक्रिया पूर्ण कर गिराया जाए, जिन स्थानों पर नए भवन की स्वीकृति जारी हो चुकी है। वहां पर नए भवन बनाए जाएं। और इन सभी कामों के लिए समय सीमा तय की जाए। उन्होंने सदन में सुझाव रखते हुए कहा कि अधिकांश स्कूल भवनों के जर्जर होने में मुख्य कारण पानी का रिसाव है। इसलिए सरकार राजकीय विद्यालयों के भवनों की छतों की वाटर प्रूफिंग के लिए प्रतिवर्ष बजट उपलब्ध करवाए, ताकि इन भवन की आयु बढ़ सके। विधायक संदीप शर्मा के सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा- जर्जर स्कूल भवन जितने भी हैं, उनको जमींदोज किया जाएगा। उनको हटाया जाएगा, क्योंकि वार्षिक परीक्षा नजदीक है। कई भवन ऐसे हैं, जो जर्जर हालत में हैं। जर्जर भवनों के लिए कमेटी है। डीईओ के पास रिपोर्ट जाती है। एक माह का समय होता है। 18,00 स्कूल भवन जर्जर हैं। दिलावर ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने कभी जर्जर स्कूलों को ठीक करने पर ध्यान नहीं दिया। अब हम तय कर रहे हैं कि निर्माण की तिथि, मरम्मत करने की तिथि होगी और अंतिम तिथि भी होगी, ताकि सरकार को ध्यान रहे कि कौन सी बिल्डिंग कब जमींदोज करनी है। वहीं कांग्रेस विधायक चेतन पटेल ने विधानसभा में ERCP के तहत नोनेरा डेम किनारे पर आ रहे मकानों के बचाव एवं सुरक्षा का मुद्दा उठाया। इस प्रोजेक्ट के तहत गांव बडौद में बनाई गई। सुरक्षा दीवार के घटिया निर्माण की भी शिकायत की। पटेल ने कहा की पीपल्दा विधानसभा में अन्य डेम किनारे बसे गांव के मकान सीलन से कमजोर हो सकते है। ऐसे में अन्य गांव का भी चयन कर बडौद गांव की तरह यहां भी अच्छी गुणवत्ता की सुरक्षा दीवार का निर्माण किया जाए। वहीं ऐसे मकानों को चिन्हित कर पीड़ितो को राहत पैकेज दिया जाए।जिससे वो अपने मकान की मजबूती के उपाय कर सके। विधायक चेतन पटेल के सवाल पर जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत ने जवाब दिया।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *