भारत की पहली रक्षा पंक्ति, सीमा सुरक्षा बल (BSF) की 52वीं इंटर-फ्रंटियर प्लाटून वेपन शूटिंग प्रतियोगिता केंद्रीय आयुध और युद्ध कौशल विद्यालय (CSWT), इंदौर के रेवती रेंज पर शुरू हुई। प्रतियोगिता का शुभारंभ BSF के महानिदेशक (डीजी) दलजीत सिंह चौधरी ने किया। यह 6 दिवसीय रोमांचक प्रतियोगिता 10 फरवरी से 15 फरवरी तक चलेगी। इसमें BSF की सभी 11 फ्रंटियर की सर्वश्रेष्ठ निशानेबाज टीमें हिस्सा ले रही हैं। ये टीमें सटीक निशानेबाजी, रणनीतिक युद्धक तकनीक और मुकाबला तत्परता जैसी कड़ी चुनौतियों का सामना करेंगी। BSF का हमेशा से बेहतरीन शूटर तैयार करने का इतिहास रहा है। यह वार्षिक प्रतियोगिता युद्ध क्षेत्र की शूटिंग तकनीकों को निखारने, टीमवर्क को मजबूत करने और अनुशासन एवं सटीकता के उच्चतम मानकों को स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण मंच है। पिछले साल उत्तर बंगाल फ्रंटियर ने खिताब जीता था BSF का हमेशा से बेहतरीन शूटर तैयार करने का इतिहास रहा है। यह वार्षिक प्रतियोगिता युद्ध क्षेत्र की शूटिंग तकनीकों को निखारने, टीमवर्क को मजबूत करने और अनुशासन एवं सटीकता के उच्चतम मानकों को स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण मंच है। पिछले साल उत्तर बंगाल फ्रंटियर ने खिताब जीता था, जबकि गुजरात फ्रंटियर दूसरे स्थान पर और जम्मू फ्रंटियर तीसरे स्थान पर रहा था। इस साल की प्रतियोगिता भी बेहद रोमांचक है। टीमें अपने बेहतरीन प्रदर्शन से BSF के निशानेबाजी इतिहास में अपना नाम दर्ज कराने के लिए पूरी ताकत झोंकेंगी। BSF की उत्कृष्ट परंपरा को बनाए रखने का प्रतीक प्रतियोगिता प्रतियोगिता का समापन 15 फरवरी को होगा, जिसमें मंत्री कैलाश विजयवर्गीय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। CSWT, इंदौर हथियारों और युद्धक तकनीकों के अत्याधुनिक प्रशिक्षण के लिए प्रसिद्ध है। BSF का मिशन केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि लगातार प्रशिक्षण, नई तकनीकों को अपनाने और एक बेजोड़ बल बनाए रखने की दिशा में आगे बढ़ना भी है। यह प्रतियोगिता केवल जीतने के लिए नहीं, बल्कि कौशल को धार देने, सीमाओं को लांघने और BSF की उत्कृष्ट परंपरा को बनाए रखने का प्रतीक है।


