पानीपत में रहकर अलवर के व्यक्ति को डिजिटल अरेस्ट कर उससे 10 लाख रुपए ठगने वाले आरोपी युवक को पुलिस ने दबोच लिया है। अभी उसके तीन-चार अन्य साथी बदमाशों तक पहुंचना बाकी है। अलवर पुलिस विशेष अभियान के तहत साइबर क्राइम प्रिवेंशन स्क्वाड (CCPS) अलवर ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों को डराकर ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी साहिल पुत्र चरणदास निवासी नीमली पानीपत को गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से आमजन को फोन कॉल के जरिए खुद को सरकारी अधिकारी बताकर मानसिक दबाव में लेकर पैसे ऐंठने का काम कर रहा था।
अलवर पुलिस के अनुसार 13 जनवरी को साइबर सेल को सूचना मिली कि कुछ साइबर ठग आम नागरिकों को कॉल कर खुद को पुलिस, सीबीआई अथवा अन्य जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर डिजिटल अरेस्ट की धमकी दे रहे हैं। ठग पीड़ितों को यह कहकर डराते थे कि उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग या अन्य गंभीर अपराधों में मामला दर्ज है। गिरफ्तारी से बचने के लिए तुरंत पैसे ट्रांसफर करने होंगे।
तकनीकी विश्लेषण और गोपनीय सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने त्वरित आरोपी को चिन्हित किया और उसे हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर कई लोगों से ठगी करना स्वीकार किया।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी फर्जी सिम कार्ड, अलग-अलग मोबाइल नंबर और डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग कर लोगों को झांसे में लेता था। उसके कब्जे से मोबाइल फोन, सिम कार्ड तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं।


