सोमवार को दोपहर करीब 1.05 बजे। पीडब्ल्यूडी कॉलोनी के पास लोगों की भीड़। हाथ में पिस्टल लिए खड़ा रातानाडा थाने का तत्कालीन थानाधिकारी लीलाराम। एसयूवी गाड़ी पर जोर से हाथ मारा। तब अंदर सवार युवक ने गाड़ी दौड़ाई। तत्कालीन थानाधिकारी लीलाराम भी गाड़ी लेकर भागा। दरअसल, यह कोई अपराधी पकड़ने की कार्रवाई नहीं थी। बल्कि 4 साल पहले 13 अक्टूबर 2021 को हुए लवली कंडारा एनकाउंटर को लेकर चल रही सीबीआई की जांच का सीन रिक्रिएशन था। जिसे मामला दर्ज होने के बाद 10 महीने में दूसरी बार दोहराया गया। इससे पहले सीबीआई 29 जनवरी को सीन रि-क्रिएट करने और मामले के अन्य पहलुओं की जांच करने के लिए आई थी। सीन रिक्रिएशन के दौरान जो पुलिस की टीम में सदस्य और मुठभेड़ में शामिल लवली के साथ मौजूद साथियों को भी घटना के सीन रिक्रिएशन में लाया गया। सीन रिक्रिएशन के दौरान लवली कंडारा का किरदार सीबीआई के आदमी ने निभाया। लवली (किरदार निभाने वाला) और लीलाराम दोनों को अलग-अलग पिस्टल दी गई है। रिक्रिएशन के दौरान उनसे एक-दूसरे पर झूठमूठ का फायर करवाया गया। सीबीआई जांच से यह पता चलेगा कि वास्तव में लवली कंडारा मुठभेड़ में मारा गया था या उसका एनकाउंटर किया गया था।


