जामताड़ा में सीआईएसएफ जवान सुनील पासवान की हत्या का मामला सुलझ गया है। आरोपी युवराज सिंह ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने गुरुवार को आरोपी को घटनास्थल पर ले जाकर क्राइम सीन का रिक्रिएशन कराया। घटना 23 अप्रैल 2025 की रात की है। बोकारो के फुसरो में तैनात मिहिजाम निवासी सीआईएसएफ जवान सुनील पासवान अपनी जमीन पर चल रहे निर्माण कार्य की देखरेख कर रहे थे। यह जगह झारखंड और पश्चिम बंगाल की सीमा पर स्थित सालानपुर थाना क्षेत्र के डोमदहा इलाके में है। युवराज ने पहले हवा में फायर किया आरोपी युवराज ने बताया कि वह अपने साथी मुर्गी उर्फ राहुल गुप्ता के साथ गांजा का सेवन कर रहा था। सुनील ने उनके नशे का विरोध किया। इस बात को लेकर युवराज से उनकी बहस हो गई। बहस बढ़ने पर युवराज ने पहले हवा में फायर किया। जब सुनील ने युवराज का कॉलर नहीं छोड़ा तो उसने गुस्से में आकर सुनील की कनपटी पर गोली मार दी। सुनील की मौके पर ही मौत हो गई। घर से हत्या में इस्तेमाल की गई पिस्टल बरामद युवराज और उसके साथी मुर्गी को मिहिजाम पुलिस पहले ही राहुल उर्फ लेफ्टी सिंह की हत्या के मामले में गिरफ्तार कर चुकी थी। लेफ्टी की हत्या 31 जनवरी को हांसीपहाड़ी इलाके में की गई थी। रूपनारायणपुर पुलिस ने युवराज को 10 दिन की रिमांड पर लिया है। पुलिस प्रभारी अरुणभ भट्टाचार्य के अनुसार, युवराज की निशानदेही पर बिहार के बख्तियारपुर स्थित उसके घर से हत्या में इस्तेमाल की गई पिस्टल बरामद कर ली गई है। पुलिस अब इस मामले की जांच में जुटी है।


