भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत गुरुवार को खजुराहो में “पैरा लीगल वॉलंटियर्स एवं पैनल अधिवक्ताओं की रणनीतिक भूमिका और विधिक सहायता एवं मध्यस्थता का भविष्य” विषयक सेमिनार में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा है कि पैरा लीगल वॉलंटियर्स की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि वह गरीब एवं जरूरतमंदों की सहायता करें। साथ स्थानीय भाषा का ज्ञान लेकर लोगों की पीड़ा समझे। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट और मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (म.प्र.रा.वि.से.प्रा.) का कार्यक्रम छत्रसाल कन्वेंशन सेंटर हुआ। इसमें कानूनी सहायता तंत्र को मजबूद करने और जमीनी स्तर के पैरा लीगल वॉलंटियर्स (पीएलवी) एवं पैनल अधिवक्ताओं द्वारा न्याय तक पहुंच, वैकल्पिक विवाद समाधान (एडीआर) तथा मध्यस्थता प्रक्रिया को बढ़ावा देने पर बल दिया गया। इस सेमिनार में 300 से अधिक प्रतिभागी सम्मिलित हुए, जिनमें न्यायाधीश, विधिक व्यवसायी, पैरा लीगल वॉलंटियर्स, पैनल अधिवक्ता, शिक्षाविद् तथा कई विधिक सहायता संगठनों के प्रतिनिधि शामिल थे। सेमिनार में विशेष रूप से ग्रामीण एवं उपेक्षित क्षेत्रों में विधिक सहायता सेवाओं की दक्षता एवं पहुंच को बढ़ाने के लिए नवाचारी रणनीतियों पर प्रकाश डाला गया, जो भारत के संविधान के अनुच्छेद 39ए के संवैधानिक आदेश के अनुरूप है। कोर्ट को अस्पताल की तरह जरूरतमंदों की मदद करना चाहिए कार्यक्रम का उद्घाटन के अवसर पर सीजेआई सूर्यकांत ने पैरा लीगल वॉलंटियर्स एवं पैनल अधिवक्ताओं की परिवर्तनकारी क्षमता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विधिक सहायता प्रदान करने वाली संस्था एवं विधिक सहायता प्राप्त करने वाले नागरिकों के मध्य पीएलवी. सेतु का कार्य करते हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि पैरा लीगल वॉलंटियर्स की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि वह गरीब एवं जरूरतमंदों की सहायता करें। उन्होंने यह भी व्यक्त किया कि वर्तमान समय में न्यायालयों को अस्पताल की तरह हर समय कार्य कर जरूरतमंदों को विधिक सहायता प्रदान करनी चाहिए। उन्होंने विशेष बल देकर कहा कि पैरा लीगल वॉलंटियर्स को विधिक सहायता के जरूरतमंद नागरिकों की स्थानीय भाषा का भी ज्ञान अवश्य होना चाहिए, जिससे वह उनकी पीड़ा सही रूप से समझ सकें। उन्होंने सभी पैरा लीगल वॉलंटियर्स एवं विधिक सहायता प्रदान करने वाले अधिवक्ताओं से निवेदन किया कि वे विधिक सहायता के जरूरतमंद लोगों के साथ एक विश्वास का रिश्ता बनाए। लाइव स्ट्रीमिंग में कई न्यायाधीश पूरे मध्य प्रदेश से 200 से अधिक पैरा लीगल वॉलंटियर्स एवं पैनल अधिवक्ताओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया और अन्य प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की समावेशी प्रकृति की व्यापक सराहना हुई। लाइव स्ट्रीमिंग के माध्यम से 2,000 से अधिक दर्शकों जिसमें प्रदेश के जिला न्यायपालिका के न्यायाधीश भी शामिल थे, ने आभासी रूप से भाग लिया।
एयरपोर्ट पर दिया गार्ड ऑफ ऑनर इसके पहले CJI सूर्यकांत गुरुवार शाम को छतरपुर जिले के खजुराहो पहुंचे। वे यहां राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने आए हैं। उनके साथ न्यायाधिपति जेके माहेश्वरी और सतीश चंद्र शर्मा भी खजुराहो पहुंचे। इस अवसर पर CJI को खजुराहो विमानतल पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। विमानतल पर उच्च न्यायालय जबलपुर खंडपीठ ग्वालियर के न्यायाधिपति आनंद पाठक और विवेक रूसिया, रजिस्ट्रार जनरल धरमिंदर सिंह, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रविंदर सिंह और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट स्वाति निवेश जायसवाल ने भेंट कर उनका स्वागत किया। ये पहुंचे स्वागत करने सांसद विष्णु दत्त शर्मा के साथ कमिश्नर अनिल सुचारी, पुलिस महानिरीक्षक हिमानी खन्ना, पुलिस उपमहानिरीक्षक विजय खत्री, कलेक्टर पार्थ जायसवाल और पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने भी पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इसके बाद, भारत के मुख्य न्यायाधिपति महाराजा छत्रसाल कन्वेंशन सेंटर खजुराहो में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सड़क मार्ग से रवाना हुए। CJI के आगमन की अन्य तस्वीरें…


